एक बहरूपिया चंदा का पैसा खा गया तो दूसरा बहरूपिया कांग्रेस कार्यालय भवन का पैसा हजम कर गया: राधिका खेड़ा…

जांजगीर-चांपा। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी राधिका खेड़ा ने प्रेस वार्ता में जिले के दो नेताओं पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक बहरूपिया कांग्रेस पार्टी के चंदा का पैसा खा गया है तो दूसरा बहरूपिया कांग्रेस कार्यालय भवन का पैसा हजम कर गया है और अब भाजपा में शामिल होकर खुद को बड़ा पाक साफ और कांग्रेस की नीतियों को गलत बता रहे हैं। वास्तव में ऐसे बहरूपया लोगों के लिए कांग्रेस में कोई जगह नहीं है।
जिला मुख्यालय जांजगीर के हॉटल ड्रीम पॉइंट में शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले लोगों पर कई गंभीर आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार का लोकसभा चुनाव हार-जीत के लिए महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि देश के संविधान को बचाने के लिए काफी महत्वपूर्ण है। एक तरफ संविधान की रक्षा के लिए चुनाव लड़ा जा रहा है तो भाजपा संविधान को खत्म करने के लिए चुनाव लड़ रही है। संविधान खतरे में है। ये लोग कहते है कि 400 सीटें लाकर दीजिए, ताकि हम संविधान बदल सकें। मोदी की सरकार देश का संविधान बदलना चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा आरक्षण खत्म करना चाहती है। उसका उदाहरण है कि भूपेश सरकार छत्तीसगढ़ में आरक्षण बिल लाई, जिसे भाजपा के राज्यपाल ने आज तक पास नहीं किया। पीएम मोदी पूरा देश अपने दोस्तों को बेंच रहे हैं। सवाल पूछने का हक भी भाजपा ने जनता से छीन लिया है। महिला, किसान और युवा सभी मोदी का विरोध कर रहे हैं, जबकि भाजपा सरकार उन्हें धमका रही है। राधिका खेड़ा ने कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र में प्रधानमंत्री के 45 से अधिक फोटो अलग-अलग पोज में लगे हैं। जबकि, उनके संकल्प पत्र में मुद्दे की बात कहीं पर नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र में नौकरियों का जिक्र ही नहीं है। भाजपा के पूरे मेनिफेस्टो की खास बात ये है कि वो वर्ष 2047 पर आधारित है। मिशन 2047 मतलब आज कल का तो आप उनसे पूछ ही नहीं सकते। भाजपा का मेनिफेस्टो जुमलेबाजी के अलावा कुछ भी नहीं है। वहीं कांग्रेस जो वादे करती है, वह हर हाल में पूरे करती है। छत्तीसगढ़ के मंत्री रामविचार नेताम के बयान को कांग्रेस प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह उनका नहीं, बल्कि मोदी के चेले का गुण है। प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने कहा कि कहा कि जिनके नाम में राम शामिल हैं और उनके विचार ही रावण जैसे हो, वो महिलाओं के लिए सूर्पणखा जैसी भाषा का इस्तेमाल करेंगे, लेकिन इसमें उनकी क्या गलती है। उनके मुखिया मोदी जी महिलाओं के प्रति किस प्रकार से अभद्र भाषा का प्रयोग करता हैं, यह पूरा देश जानता है। प्रधानमंत्री जो संसद में किसी महिला सांसद को सूर्पणखा कह सकते हैं, उनके चेले ही तो यहां पर यही बोलेंगे। ये बयान उनको कितना भारी पड़ेगा, यह छत्तीसगढ़ की जनता बताएगी।



