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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मिशन “लाइफ“ लाइफस्टाइल फॉर इनवायरमेंट के अंतर्गत किया गया वृक्षारोपण….

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मिशन “लाइफ“ लाइफस्टाइल फॉर इनवायरमेंट के अंतर्गत किया गया वृक्षारोपण
 
      जांजगीर-चांपा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मिशन “लाइफ“ लाइफस्टाइल फॉर इनवायरमेंट, अंतर्गत वृक्षारोपण का कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंन्द्र जांजगीर-चांपा में आयोजित किया गया। विगत 20 मई से चल रहे मिशन “लाइफ“ जागरूकता कार्यक्रम का समापन वृक्षारोपण कर किया गया। वृक्षारोपण कार्यक्रम में पधारे अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय जांजगीर-चांपा डॉ. मनीष सिंह ने पौधे की महत्ता बताते हुए कहा कि ये लाखों रूपये का आक्सीजन फ्री में प्रदान करते हैं। आक्सीजन का महत्व कोरोनाकाल में लोगों ने समझा है। उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1972 में हमारे ग्रह की सुरक्षा हेतु जागरूक करने के लिए प्रारंभ किया गया। उपसंचालक कृषि द्वारा धान के बाद धान लगाकर पानी की अधिक खपत तथा अंधाधुन रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त किया और लोगो से उर्वरकों के अनुशंसित मात्रा उपयोग करने का आव्हान किया।
     वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ.राजीव दीक्षित ने कृषकों को जागरूक करते हुए कृषकों से आव्हान किया कि अपने जीवन शैली में ऐसा परिवर्तन करें जो पर्यावरण हितैषी हो उन्होंने ने जल संरक्षण, उर्जासंरक्षण पर जोर दिया। धान की खेती में निकलने वाली मिथेंन गैंस की जानकारी प्रदान की जो कार्बनडाईआक्साइड, नाइट्रस आक्साइड के साथ ग्लोबल वार्मिंग हेतु उत्तरदायी है। आधुनिक जीवन शैली में निरंतर बढ रहे ए.सी. के प्रयोग यातायात हेतु कार इत्यादि का प्रयोग के बढते प्रयोग पर प्रकाश डाला। इंजी. आशुलता ध्रुव ने जल संरक्षण हेतु सूक्ष्म सिंचाई का प्रयोग किए जाने का आव्हान किया। केंन्द्र के प्रक्षेत्र प्रबंधक चंन्द्रशेखर खरे ने मिशन लाइफ के उद्देश्यों के पूर्ति के लिए किए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन करते हुए कृषकों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, फसल अवशेषों जैसें पैरा इत्यादि का ट्राइकोडर्मा और वेस्ट डिकंम्पोजर का प्रयोग कर खेत में ही खाद बनाने की वैज्ञानिक तकनीकी की बारिकियों से अवगत कराया। जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत वर्षाजल का संरक्षण, ग्लोबल वार्मिंग, ग्रीन हाउस प्रभाव, वृद्वाारोपण के महत्व आदि विषयों पर कृषक संगोष्ठी, ग्राम पंचायत, सेमरा, धुरकोंट, पीथमपुर एवं कृषि महाविद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन निरंतर विगत दिनों किया गया। कार्यक्रम के दौरान फलदार पौधों का वितरण किया गया कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सहित कृषक मित्रों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी आगंतुकों को अनार एवं नींबू के पौधे भेंट किए गये।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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