Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

पेपर लीक पर मोदी सरकार का सबसे बड़ा एक्शन! 10 साल जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने वाले बिल को मंजूरी

Paper Leak Amendment Bill: देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पेपर लीक संशोधन विधेयक को शुक्रवार को हुई मोदी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई। नए संशोधन के तहत पेपर लीक करने वालों और संगठित परीक्षा माफिया के खिलाफ पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

सरकार द्वारा मंजूर किए गए संशोधन विधेयक में पेपर लीक के दोषियों के लिए 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही संगठित तरीके से पेपर लीक कराने वाले गिरोहों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

See also  जहां कभी एम्बुलेंस पहुंचना भी सपना था, वहां अब डॉक्टर दे रहे दस्तक : बस्तर के जंगलों तक पहुंची स्वास्थ्य क्रांति

फास्ट ट्रैक कोर्ट में तीन महीने के भीतर फैसला
नए संशोधन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी और अदालत को तीन महीने के भीतर फैसला सुनाना होगा। सरकार का उद्देश्य परीक्षा से जुड़े अपराधों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करना है।

सोमवार को संसद में पेश होगा विधेयक
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सोमवार को संसद में इस संशोधन विधेयक को पेश करेंगे। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) इस कानून का नोडल मंत्रालय होगा।

कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी ने भी रखी बात
सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून की आवश्यकता पर जोर दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विधेयक के प्रावधानों की जानकारी मंत्रिमंडल को दी, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ सरकार की बातचीत की स्थिति से अवगत कराया।

Advertisment

मौजूदा कानून में होंगे बड़े बदलाव
वर्तमान में लागू सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत व्यक्तिगत मामलों में 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं संगठित अपराधों में 5 से 10 साल की सजा और कम से कम 1 करोड़ रुपये जुर्माना निर्धारित है। नए संशोधन के बाद इन प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाया जाएगा।

See also  WhatsApp पर नया फ्रॉड – Screen Mirroring से मिनटों में खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट!

छात्रों का प्रदर्शन जारी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है। CJP के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए कड़े कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।

विपक्ष ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करने के साथ-साथ इसे देर से उठाया गया कदम बताया है। विपक्ष का कहना है कि केवल कानून सख्त बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना भी जरूरी है।

See also  King Movie Leaks: शूटिंग के दौरान आम लोगों की एंट्री पर लगी पूरी रोक, ‘किंग’ के विजुअल्स लीक होने से परेशान हुए सिद्धार्थ आनंद

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!