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Mining Rules CG: छत्तीसगढ़ में अवैध खनन पर कड़ा प्रहार: बिना अनुमति गाड़ी या मशीन चलाई तो लगेगा भारी जुर्माना, सरकार ने बदले नियम

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के खनिज साधन विभाग ने प्रदेश में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर नकेल कसने के लिए एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। विभाग द्वारा जारी नई आधिकारिक अधिसूचना (अधिनियम क्रमांक: RULE-8/43/2026-MRD) के तहत नियमों में कड़े संशोधन किए गए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। इस नए नियम के बाद अब अवैध गतिविधियों में पकड़े गए वाहनों और मशीनों को कोर्ट से छुड़ाने के लिए भारी सुरक्षा राशि जमा करनी होगी।

कोर्ट से गाड़ी छुड़ाने के लिए तय हुई सुरक्षा राशि

अधिसूचना के अनुसार, यदि कोई वाहन या मशीन अवैध खनन या परिवहन में लिप्त पाई जाती है, तो कोर्ट द्वारा उसे अंतरिम अभिरक्षा (Interim Custody) में छोड़ने के लिए निम्नलिखित सुरक्षा राशि (Security Amount) तय की गई है:

  • 10 टन तक की क्षमता वाले वाहन: ₹ 50,000/-
  • 10 से 25 टन क्षमता वाले वाहन: ₹ 1,50,000/-
  • 25 टन से अधिक क्षमता वाले भारी वाहन: ₹ 2,00,000/-
  • जेसीबी (JCB) मशीन: ₹ 2,00,000/-
  • चेन माउंटेन मशीन: ₹ 3,00,000/-
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इसके अलावा, अवैध उत्खनन या भंडारण के मामलों में न्यूनतम शमन शुल्क (Compounding Fee) ₹ 25,000/- निर्धारित किया गया है। वहीं, अवैध परिवहन करने वालों से ₹ 2,000/- प्रति टन की दर से जुर्माना वसूला जाएगा।

निजी भूमि पर ‘कंपोजिट लाइसेंस’ और कड़े नियम

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सरकार ने निजी भूमि पर खनिज संचालन को सुगम बनाने के लिए नियम 7 और 10 में संशोधन किया है। अब अनुसूची-एक (भाग-क) के मुख्य खनिजों को छोड़कर, अन्य खनिजों के लिए निजी भूमि स्वामियों को निर्धारित प्रीमियम के भुगतान पर ‘समेकित अनुज्ञप्ति’ (Composite Licence) मिल सकेगी। आवेदन और कार्यपालन प्रतिभूति (Performance Security) जमा होने के बाद सक्षम प्राधिकारी आशय पत्र (LoI) जारी करेंगे।

15 दिनों में जमा करनी होगी बैंक गारंटी, लापरवाही पर पट्टा निरस्त

समय सीमा: नए आवेदकों को आशय पत्र (LoI) मिलने के 15 दिनों के भीतर डिमांड ड्राफ्ट या बैंक गारंटी के रूप में कार्यपालन प्रतिभूति जमा करनी होगी, जो न्यूनतम 3 वर्ष के लिए वैध होगी।

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पुराने LoI धारकों को राहत: जिन आवेदकों को इस अधिसूचना के जारी होने से पहले LoI मिल चुका है, उन्हें यह राशि जमा करने के लिए 6 महीने का समय दिया गया है।

12 महीने काम बंद तो पट्टा खत्म: नियम 51 के तहत यदि कोई पट्टाधारी अनुबंध के बाद लगातार 12 महीने तक उत्पादन और प्रेषण (Production and Dispatch) शुरू नहीं करता या चालू काम को 12 महीने तक बंद रखता है, तो उसका पट्टा स्वतः ही निरस्त (Lapsed) हो जाएगा। पूरी पट्टा अवधि में काम शुरू करने के लिए समय का विस्तार (Extension) केवल एक बार ही मिलेगा।

संचित निधि में जमा होगा राजस्व

नियमों को पारदर्शी बनाते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि नगरीय निकायों या त्रि-स्तरीय पंचायतों के अधीन आने वाले गौण खनिजों (Minor Minerals) से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी और प्रीमियम की राशि पहले राज्य की संचित निधि (Consolidated Fund) में जमा होगी। इसके बाद तय मापदंडों के आधार पर इसका संवितरण (Distribution) किया जाएगा। साथ ही, ई-नीलामी पर आधारित समामेलित पट्टों के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की गणना रॉयल्टी के 10% की दर से की जाएगी।

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शासन के इस कड़े कदम से जहां एक ओर खनिज माफियाओं पर लगाम कसेगी, वहीं दूसरी ओर वैध रूप से उत्खनन करने वाले व्यवसाइयों के लिए नियमों में स्पष्टता आएगी।

सुझाव: यदि आप इसे अपने न्यूज पोर्टल (जैसे CG Mati) या सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर रहे हैं, तो इसके साथ एक आकर्षक हेडलाइन और ग्राफिक्स (जैसे कि वाहनों की जब्ती की सुरक्षा राशि वाली सारणी) का उपयोग कर सकते हैं। क्या आप इसमें कुछ और बदलाव या स्थानीय संदर्भ जुड़वाना चाहते हैं?

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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