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ड्राई डे के बावजूद खुली शराब दुकानें: कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, भाजपा सरकार पर लगाया नशाखोरी बढ़ाने का आरोप

रायपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर छत्तीसगढ़ में शराब की बिक्री को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि ‘ड्राई डे’ के प्रावधानों के बावजूद शराब की दुकानें खुली रखकर सरकार ने गांधी जी की विचारधारा और उनके बलिदान का अपमान किया है।

राजस्व की भूख या विचारधारा का टकराव? प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि 30 जनवरी का दिन पूरे देश में शोक और आत्मचिंतन का होता है। उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी नशामुक्त समाज के प्रबल पक्षधर थे। उनकी शहादत के दिन ड्राई डे घोषित करने का उद्देश्य उनकी विचारधारा को सम्मान देना है, लेकिन भाजपा सरकार ने राजस्व की भूख में इस दिन भी शराब बेचकर यह साबित कर दिया कि उनकी सोच गोडसेवादी है।”

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अवैध कमाई और नशाखोरी का आरोप कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा का मूल उद्देश्य केवल राजस्व जुटाना है, चाहे इसके लिए युवाओं को नशे की लत में ही क्यों न धकेलना पड़े। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार की नीतियां समाज को नशे की ओर ले जा रही हैं, जो गांधीवादी मूल्यों के बिल्कुल विपरीत है।

सड़क पर उतरी कांग्रेस, शराब दुकानों पर प्रदर्शन इस मुद्दे को लेकर राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने शराब दुकानों के सामने धरना दिया और नारेबाजी की। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपनी आबकारी नीति और ‘ड्राई डे’ के पालन में इसी तरह की लापरवाही जारी रखी, तो वे पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन करेंगे।

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गौरतलब है कि नियमानुसार 30 जनवरी को गांधी जी की स्मृति में ड्राई डे घोषित किया जाता है, ताकि समाज में शांति और नशामुक्त वातावरण का संदेश जाए, लेकिन इस वर्ष दुकानों के संचालन को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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