छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
चचेरे भाई की हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास….

चचेरे भाई की हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास
जांजगीर-चांपा। चचेरे भाई की हत्या करने के आरोप में आरोपी को माननीय न्यायालय द्वारा भादवि की धारा 302 के दोषसिद्ध अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं 25000/- के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। मामला बम्हनीडीह थाना अंतर्गत का है। राजेश पांडेय लोक अभियोजक जांजगीर के बताये अनुसार 20 अक्टूबर 2022 को 12:30 बजे थाना बम्हनीडीह के निरीक्षक को फोन से सूचना प्राप्त होने पर उसके द्वारा घटनास्थल डिपरीपारा जाने वाली गली के पास जाने पर प्रार्थी लक्ष्मण सबरिया ने जबानी रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसे गांव वालों के माध्यम से अज्ञात शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी जिस पर 18 अक्टूबर 2022 को शाम 7:00 बजे घर से निकले उसके पिता के वापस नहीं आने पर शव उसके पिता का होने कि शंका पर डिपरीपारा आया तो देखा की उक्त शव उसके पिता बालाराम सबरिया का ही था। उसके सिर पर गंभीर चोट लगे होने से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मारना प्रतीत होने पर परिवार के भाई शंकर गोंड़ के द्वारा हत्या करने की शंका की गई। प्रार्थी की सूचना पर संदेही आरोपी के विरुद्ध मर्ग क्रमांक 00/ 22 लेखबद्ध कर अप. क्र. 77/ 22 अंतर्गत धारा 302, 201 भादवि का प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। डीपरीपारा राजू जायसवाल के खेत के बाउंड्री वॉल के पास एक व्यक्ति मरा पड़ा है, वहां जाकर अपने पिता बालाराम को मृत देखना कहा है तथा यह भी कहा है कि उक्त समय उसने यह देखा था कि उसके पिता का सिर और चेहरा पूरी तरह से कुचला गया था। आंख बाहर निकल गया था। घटनास्थल से मृतक बालाराम का पहना हुआ शर्ट, खून आलूदा मिट्टी सादी मिट्टी, झाड़ियों की पत्ती, दो डिस्पोजल ग्लास को जप्त किया गया। अन्वेषण उपरांत यह पाये जाने पर कि आरोपी नें मृतक की हत्या की है अन्य आवश्यक अन्वेषण आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र उपार्पण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियोजन की ओर से विचार व्यक्त किया गया कि जिस प्रकार से चचेरे भाई के द्वारा हत्या की गई है वह अत्यंत ही गंभीर प्रकृति की घटना है अतः आरोपी को कठोर से कठोर दण्ड दिए जाने का निवेदन किया गया।
इस प्रकार अभियोजन ने अभियुक्त के विरुद्ध प्रकरण को युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित कराया है कि जिस प्रकार से आरोपी चचेरे भाई द्वारा हत्या की गई है। वह अत्यंत ही गंभीर प्रकृति की घटना है। अतः प्रकरण की परिस्थिति अपराध की गंभीरता एवं सामाजिक प्रभाव को देखते हुए आरोपी शंकर गोंड़ पिता लक्ष्मण गोंड़ उम्र 40 वर्ष निवासी वार्ड नं 12 फोकटपारा, थाना बम्हनीडीह जिला जांजगीर-चांपा छ. ग. को भादवि की धारा 302 के दोषसिद्ध अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं 25,000/- के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। आरोपी द्वारा अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर क्रमशः 3 माह के सश्रम कारावास की सजा भुगताये जाने का आदेश दिया गया है। अर्थदण्ड की कुल राशि में से 20,000/- की राशि मृतक के वारिसों को बतौर प्रतिकर दी जावेगी और शेष राशि अभियोजन में हुए खर्चो की पूर्ति के रूप में छ.ग. शासन के पक्ष में जमा होकर व्यपगत होगी। उक्त प्रकरण में अभियोजन की ओर से राजेश पाण्डेय लोक अभियोजक जांजगीर ने पैरवी की।



