छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
आओ अपने गुरु को शीश नवाते…

आओ अपने गुरु को शीश नवाते
गुरु बिना कोई ज्ञान न पाते
बिना गुरु हम भटक जाते
गुरु हमें सही रास्ता दिखाते
धर्म अधर्म का ज्ञान कराते
हमें नैतिकता का पाठ पढ़ाते
जीवन का सही उद्देश्य बताते
सबसे आदर और प्रेम सिखाते
हम में धैर्य और साहस बढ़ाते
नकारात्मकता हमसे दूर भगाते
सकारात्मक सोच हम मे लाते
उनके आशीर्वाद से ही तो
हम सदैव आगे बढ़ते जाते
जीवन में ऊंचाइयों को पाते
साधारण मानव को गुरु ही तो
एक श्रेष्ठ मानव बनाते
आओ गुरु पूर्णिमा मनाते
अपने गुरु को शीश नवाते
प्रतीक्षा सिंह (व्याख्याता)
शासकीय हाई स्कूल मुलमुला



