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नियम कायदा कानून को ताक पर रखकर हाऊसिंग बोर्ड जैजैपुर की मकान आबंटन, कानून के ज्ञाता एसडीएम सक्ती पर लग रहा प्रश्न चिन्ह, नेताओ के दबाव में या अधिकारीयो की चहेतो को मकान आबंटन…

सक्ति। जी हां खबर हाऊसिंग बोर्ड जैजैपुर की मकान का है मिली जानकारी के अनुसार आपको बता दे कि हाऊसिंग बोर्ड जैजैपुर के ब्लाक जी 2 टाइप में एसडीएम कार्यालय सक्ती से आबंटन किया गया है जिसमे से अधिकांश निवासरत स्थानीय अधिकारी कर्मचारी होंगे नियम कायदा कानून को ठेंगा दिखाते हुए आबंटन कर दिया गया है। जिसमे कृषि विभाग से चन्द्रकान्त कश्यप,राजेन्द्र चन्द्रवंशी, रूबी खेस,शिक्षा विभाग से मनमेन लकड़ा,नगर पंचायत से कौशल राजस्व विभाग से दिलीप ध्रुव ब्लाक जी 3 टाइप में राजस्व विभाग से परमेश्वर कश्यप,नारायण सूर्यवंशी, बद्रीनारायण जांगड़े एवं श्यामसुंदर नगर पंचायत और संदीप खांडे छात्रावास अधिकारी ब्लाक जी 1 टाईप में राजस्व विभाग से विकास खूंटे, अश्वनी शर्मा,हीरेन्द्र चन्द्रा पुलिस विभाग से लोकनाथ यादव शिक्षा विभाग से गगनदी चन्द्रा ब्लाक एच 1 टाइप में निवासरत
गेंदलाल पीएसओ पूर्व विधायक जैजैपुर,गजानंद शांडिल्य पीएसओ पूर्व विधायक जैजैपुर, चन्द्रभान चन्द्रा निज सचिव पूर्व विधायक जैजैपुर, दादुलाल बंजारे जनपद पंचायत जैजैपुर के नाम पर आबंटन लेकिन कंवर निवासरत है। आदि ब्लाक टाइप में भी अनेको कर्मचारियों को आबंटन किया गया है लेकिन सभी कमरों की भौतिक सत्यापन करने की जरूरत है और ऐसे कर्मचारियों पर कार्यवाही करने की भी जरूरत है। वास्तविक में जिस अधिकारी कर्मचारियों जो दूर दराज से जैजैपुर में नौकरी करने आये है उसे मोटे रकम में किराए की मकान में रहना पड़ रहा है। स्थानीयों को जिम्मेदार एसडीएम सक्ती ने ऐसे लोगों को मकान आबंटन कर दिया गया है कथाकथित कुछ कर्मचारी की किराये की मकान भी है और स्थाई जैजैपुर की निवासी भी है उसके बावजूद सरकारी मकान को आबंटन करवाया गया है जो समझ से परे हुए है। हद तो तब हो गई जब छात्रावास अधीक्षक को बच्चों के बीच रहना चाहिए और उनकी देखभाल करना चाहिए लेकिन प्रशासन इतनी भी अनभिज्ञ है कि कानून व्यवस्था से हटकर अधिकारी आंख बंद करके किसी को भी आबंटन कर दिया गया है शासन प्रशासन जान बूझकर अनभिज्ञ है जो समझ से परे हुए है।



