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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

शिवरीनारायण मांघी पूर्णिमा मेला का सुरक्षा व्यवस्था को मद्देनजर रखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिला पुलिस जांजगीर की रही चाक चौबंद व्यवस्था…

जांजगीर-चांपा। ऐतिहासिक और प्राचीन शिवरीनारायण का माघी मेला पूर्णिमाँ से शुरू होकर महाशिवरात्रि तक संपन्न हो गया। इस अवधि में 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की पहुंच यहां पर हुई, जिन्होंने भगवान के दर्शन पूजन करने के साथ मेले का आनंद लिया। कई प्रकार के अनुभव रखने के साथ पुलिस ने यहां पर जरूरी व्यवस्थाएं की और सभी चीजों को सिस्टमैटिक किया। सीसीटीवी कैमरा ज़रूरी इलाके की निगरानी, लगातार लोगों को सचेत करने के कारण पूरे मंदिर, मेले में किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हो सकी।
 पिछले 24 फरवरी से माघ पूर्णिमा को शिवरीनारायण का मेला प्रारंभ हुआ था जो फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी महाशिवरात्रि को संपन्न हो गया। जांजगीर चांपा जिले में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पहचान देने वाले इस मेले की ख्याति लंबे समय से रही है। समय के साथ-साथ इसमें श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई और अब की बार इसका आंकड़ा 5 लाख के पार हो गया। छत्तीसगढ़ के साथ-साथ सीमावर्ती उड़ीसा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यहां आकर भगवान जगन्नाथ और नर नारायण भगवान के दर्शन किए। महाशिवरात्रि को ऐसे भी भक्त जमीन पर लौटते हुए या नापते हुए यहां पहुंचे जिनकी कुछ विशेष मान्यताएं होती हैं। मेले में श्रद्धालुओं को सब कुछ अच्छा महसूस हो, इसके लिए पुलिस ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों,  सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर समन्वय किया और इसके अच्छे परिणाम सामने आए।
 भीड़ को संभालना बड़ी चुनौती
जांजगीर चांपा जिले की दृष्टि से सबसे बड़े मेले के रूप में शिवरीनारायण का आयोजन खास है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जेब काटने, उठाईगिरी सहित  कई प्रकार की घटनाएं होने की आशंका होती है। इस बात को ध्यान में रखने के साथ जांजगीर चांपा पुलिस ने शिवरीनारायण में मेला स्थल के आसपास कई पॉइंट बनाएं और वहां सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल करने के साथ निगरानी तेज की। इस बारे में लगातार अनाउंसमेंट भी किया जाता रहा जिससे सामाजिक तत्व के मनोबल को हतोत्साहित किया करने में सफलता मिली। पुलिस ने इस बात को उपलब्धि माना है कि पूरे मेला के कालखंड में इस प्रकार की कोई भी घटनाएं यहां नहीं हुई।
120 लोगों को खोजा, मिलाया परिवार से 
मेले के आयोजन में कई कारण से छोटे बच्चे और उम्र दराज लोग भटकने के साथ गुम जाते हैं और परेशान होते हैं। पिछले वर्षों में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने इस मेले में अपनी ओर से प्रयोग किया। मेले की शुरुआत से ही संबंधित क्षेत्र में कई जगह लाउडस्पीकर लगाकर इस बात को प्रचारित किया गया की 5 वर्ष से काम के बच्चों और उम्र दराज लोगों के पास नाम व मोबाइल नंबर की पर्ची जरूर रख दे। ऐसे में उनके गुमने की स्थिति में खोजबीन करना आसान होगा। पुलिस ने पूरे मेले की अवधि के दौरान इस इलाके में 120 ऐसे मामले सामने आए जिनमें हमने लोगों की खोज की और उन्हें परिवार से मिलवाया।
शिवरीनारायण क्षेत्र में फिलहाल लोगों के यहां वहां से आने के लिए सड़क संपर्क मार्ग ही एकमात्र विकल्प है रोड़ पर वाहनों का भारी दबाव है इसके कारण सड़क दुर्घटनाएँ भी होती है इन सबके मौजूद धार्मिक मान्यताओं और क्षेत्र की प्राचीनता के कारण लोग बड़ी संख्या में यहां पर होने वाले उत्सव में शामिल होने से खुद को नहीं रोक पाते।
 मेला ड्यूटी शांति व्यवस्था कराए जाने में अनिल सोनी अति पुलिस अधीक्षक, यदुमनी सिदार sdop चांपा, रक्षित निरीक्षक प्रदीप कुमार जोशी यातायात प्रभारी, सायबर टीम जांजगीर, थाना प्रभारी शिवरीनारायण एवं नगर पंचायत शिवरीनारायण तथा शिवरीनारायण क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, मेला समिति का सराहनीय योगदान रहा।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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