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नशेड़ी दूल्हे को लौटाकर बनी मिसाल: साहसी बेटी को जांजगीर-चांपा पुलिस ने बनाया महिला काउंसलर

0 आत्मसम्मान के लिए ठुकराया रिश्ता, अब समाज को सही राह दिखाएगी वही बेटी!
जांजगीर-चांपा। समाज में नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण और आत्मसम्मान का सशक्त संदेश देने वाली ग्राम कोसमंदा की एक साहसी युवती को जांजगीर-चांपा पुलिस ने सम्मानित करते हुए परिवार परामर्श केंद्र में महिला काउंसलर नियुक्त किया है। युवती ने अपने विवाह समारोह के दौरान ऐसा साहसिक निर्णय लिया था, जिसकी पूरे जिले में ही नहीं बल्कि प्रदेशभर में चर्चा हुई थी।
दरअसल, थाना चांपा क्षेत्र के ग्राम कोसमंदा में आयोजित विवाह समारोह के दौरान जब सिंदूरदान की रस्म होने वाली थी, तभी युवती को पता चला कि दूल्हा शराब के नशे में धुत है। जीवन के सबसे महत्वपूर्ण अवसर पर दूल्हे की इस स्थिति को देखकर युवती ने सामाजिक दबाव और परंपराओं की परवाह किए बिना विवाह करने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उसने पूरे आत्मविश्वास और दृढ़ता के साथ बारात को वापस लौटा दिया।
युवती के इस फैसले ने समाज में एक मजबूत संदेश दिया कि विवाह जैसे पवित्र बंधन में सम्मान, विश्वास और जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण हैं। उसके इस साहसिक कदम की क्षेत्रभर में सराहना हुई और लोगों ने इसे महिला आत्मसम्मान तथा नशे के खिलाफ एक ऐतिहासिक पहल बताया।
युवती की इसी बहादुरी और सामाजिक सोच को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने उसे सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध युवती द्वारा उठाया गया कदम समाज के लिए प्रेरणादायक है और यह संदेश देता है कि महिलाएं अपने अधिकारों, सम्मान और भविष्य को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता न करें।
पुलिस अधीक्षक ने युवती की सामाजिक समझ और साहस को देखते हुए उसे परिवार परामर्श केंद्र, जांजगीर में महिला काउंसलर के रूप में जिम्मेदारी भी सौंपी। अब वह पारिवारिक विवादों के समाधान, महिला जागरूकता और सामाजिक मुद्दों पर लोगों को मार्गदर्शन देने का कार्य करेगी।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप, डीएसपी सतरूपा तारम, सीएसपी योगिताबाली खापर्डे, थाना प्रभारी चांपा निरीक्षक अशोक वैष्णव, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि युवती का यह निर्णय केवल एक व्यक्तिगत फैसला नहीं था, बल्कि नशामुक्त समाज और महिला सम्मान की दिशा में एक मजबूत सामाजिक संदेश है। जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा दिया गया यह सम्मान निश्चित रूप से युवाओं, महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों को सकारात्मक सोच अपनाने तथा गलत परंपराओं और सामाजिक दबावों के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा देगा।



