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नौकरी के नाम पर ठगी और ग्रामीणों से मारपीट, KCC कंपनी के मैनेजर सहित 3 पर FIR दर्ज…

कोरबा-हरदीबाजार,14 मार्च : एसईसीएल (SECL) की दीपका परियोजना में कार्यरत निजी कंपनी के.सी.सी. (KCC) के अधिकारियों की दबंगई और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरदीबाजार पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत पर कंपनी के मैनेजर विकास दुबे, कर्मचारी रामप्रताप पटेल और रवि सिंह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

पीड़ित मुकेश कुमार चैतन्य और दीपक सिंह कंवर (निवासी हरदीबाजार) ने पुलिस को बताया कि उन्हें कंपनी में ड्राइवर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर चपरासी रामप्रताप पटेल ने 70,000 रुपये की अवैध वसूली की थी।

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जब 25 फरवरी 2026 को पीड़ित अपना पैसा वापस मांगने कंपनी कार्यालय पहुंचे, तो वहां मौजूद मैनेजर विकास दुबे और उसके सहयोगियों ने पैसे लौटाने के बजाय पीड़ितों के साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि आरोपियों ने पीड़ितों को उनकी जाति के नाम पर अपमानित किया और शारीरिक रूप से मारपीट कर कार्यालय से बाहर धकेल दिया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद हरदीबाजार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसा है:▪️BNS धारा 318(2): धोखाधड़ी (पैसे लेकर नौकरी न देना)।▪️BNS धारा 115(2) व 296: मारपीट और अश्लील गाली-गलौज।▪️BNS धारा 3(5): सामूहिक रूप से अपराध को अंजाम देना।▪️SC/ST एक्ट धारा 3(1)(ध): सार्वजनिक रूप से जातिगत अपमान और प्रताड़ना।

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विवादों से पुराना नाता: मैनेजर पर 26 शिकायतें लंबित
मामले में चौंकाने वाला तथ्य यह है कि मुख्य आरोपी मैनेजर विकास दुबे के खिलाफ पहले से ही विभिन्न थानों और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में 26 से अधिक शिकायतें लंबित हैं। भू-विस्थापितों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन के संरक्षण के चलते अब तक विकास दुबे पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई थी, जिससे उसके हौसले बुलंद हैं।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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