छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
अच्छे कर्म से देवताओं को अमृत की प्राप्ति हुई थी – पकंजा-प्रज्ञा दीदी, जिला पंचायत के सभापति राजकुमार साहू के निवास में आयोजित हो रहा श्रीमद् भागवत, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव व भगवान श्रीकृष्ण के बाल लीला की कथा में झुमते रहे लोग…

जांजगीर-चांपा। जिला पंचायत जांजगीर-चाम्पा के सभापति एवं भाजपा नेता राजकुमार साहू के चाम्पा स्थित निवास में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा सुनाते हुए कथावाचिक पकंजा-प्रज्ञा दीदी ने अपनी अमृतमय वाणी से कहा कि जीवन में अच्छा कर्म करनी चाहिए ताकि हमें लक्षय की प्राप्ति हो सके। जैसे अच्छे कर्म से देवताओं में अमृत की प्राप्ति हुई थी। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव व भगवान श्रीकृष्ण के बाल लीला की कथा सुनाते हुए बताया कि जब प्रभु का अवतार हुआ तब वे चार भुज लेकर अवतार हुए जैसे भगवान श्रीराम जी अवतार हुआ था। बाद में लीला करने के लिये भगवान बाल गोपाल बाल रूप धारण किये। एक कथा में पकंजा दीदी ने कहा कि भगवान की सेवा करने के लिये मेवा की प्राप्ति होती हैं। उन्होंने आगे की कथा में बताया कि माता यशोदा को पता नही था कि भगवान बाल गोपाल का अवतार हुआ है। जब माता यशोदा चादर उठा कर देखी तो देखी बाल गोपाल उनके गोद में खेल रही थी। इधर नंद बाबा कमरे के बाहर 108 बार हरि हरि शरण जप रहे थे। जब उन्हें जानकारी हुए उनके यहाँ बाल गोपाल का जन्म हुआ तो नंद बाबा दौड़े दौड़े जाकर यमुना नदी में 108 बार डुबकी लगाकर, नए वस्त्र धारण करके लल्ला के दर्शन करने पहुँचे। खुशी में लोगो हीरा, मोती लुटा रहे थे। खुशी के मारे एक द्वार से सोना, चांदी, हीरा, तिल सहित गुप्त दान करे थे। इधर माता रोहणी बलदाऊ भईया को लेकर भगवान श्रीकृष्ण जी के पास ले गये। माता रोहाणी खुशी के मारे नाचते गाते बोली जुग जुग जिए तेरो लाल। इधर मथुरा में जब महराज कंश को श्रीकृष्ण के जन्म की जानकारी पड़ी तब तत्काल अपने राज महल में भगवान श्रीकृष्ण को मारने का योजना बनायी गयी। तब पूतना आयी और महराज कंश से बोली इसकी जवाबदारी मुझे दिया जाए और पूतना भगवान बाल गोपाल के पास दूध पिलाने पहुँची और पुतना काल के गाल में समा गयी। इसी तरह बाल गोपाल श्रीकृष्ण पुतना का वध कर उसका उद्धार किया। वही 22 नवम्बर शुक्रवार को मथुरा गमन, कंस उद्वार, रूख्मणी विवाह, 23 नवम्बर को शनिवार को सुदामा चरित्र, परिक्षीत मोक्ष की कथा सुनायी जायेगी। इसके अलावा कथा विश्राम चढ़ोत्री एवं 24 नवम्बर रविवार को तुलसी वर्षा, गीता पाठ, सहस्त्रधारा, ब्राम्हण भोज, यथा योग्य भण्डरा का आयोजन के साथ श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन होगा। यजमान के रूप में शिवकुमार साहू व श्रीमती खिलेश्वरी साहू बैठे हुए है। कथा सुनने वालों में जनपद सदस्य राजेश कश्यप, चाम्पा के पूर्व पार्षद श्रीमती अंजूलता राठौर, इंग्लिश सिंह, हरीश कुमार राठौर, महेश राठौर, बंशी साहू, श्रीमती वीना साहू, लक्ष्मण साहू, जगमोहन साहू, गिरधर साहू, रामाधार साहू, मिठाईलाल साहू, पुनीराम साहू, शांतिलाल साहू, बंशीलाल साहू, जीवनलाल साहू सहित बड़ी संख्या में लोग कथा सुनने रहे थे।



