ग्रेच्युटी नियम में बदलाव! 2 दिन में मिलेगा फुल एंड फाइनल सेटलमेंट, नया लेबर कोड लागू

न्यूज डेस्क: देश में 1 अप्रैल 2026 से नया लेबर कोड लागू हो गया है, जिससे करोड़ों नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नए नियमों के तहत अब नौकरी छोड़ने या निकाले जाने की स्थिति में कर्मचारियों को अपने फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
2 वर्किंग डेज में मिलेगा पूरा भुगतान
‘कोड ऑन वेजेस 2019’ की धारा 17(2) के तहत अब कंपनियों को कर्मचारी का पूरा बकाया सिर्फ 2 वर्किंग डेज के भीतर देना होगा। पहले कंपनियां 45 से 90 दिनों तक का समय लेती थीं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था।
फुल एंड फाइनल में क्या-क्या शामिल?
नए नियमों के अनुसार कर्मचारी को:
- आखिरी महीने की पूरी सैलरी
- काम किए गए दिनों का भुगतान
- बची हुई अर्जित छुट्टियों (Earned Leaves) का पैसा
- कंपनी की पॉलिसी के अनुसार बकाया बोनस
इन सभी का भुगतान एक साथ किया जाएगा।
ग्रेच्युटी नियम में बड़ा बदलाव
ग्रेच्युटी को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले कर्मचारियों को 5 साल की सेवा पूरी करने के बाद ही ग्रेच्युटी मिलती थी। अब फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों के लिए यह सीमा घटाकर 1 साल कर दी गई है। साथ ही, ग्रेच्युटी का भुगतान नौकरी छोड़ने के एक महीने के भीतर करना अनिवार्य होगा।
नए नियमों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
नए लेबर कोड को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है।
- कुछ का मानना है कि इन-हैंड सैलरी कम होने से रोजमर्रा के खर्चों पर असर पड़ेगा।
- वहीं, अन्य लोगों का कहना है कि भविष्य के लिए बचत बढ़ने से रिटायरमेंट के समय फायदा होगा।
क्या बदलेगा आगे?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव कर्मचारियों के हित में है और इससे कंपनियों की जवाबदेही बढ़ेगी। हालांकि, सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव के कारण शुरुआती दौर में कर्मचारियों को थोड़ा समायोजन करना पड़ सकता है।



