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CG Viral: जंगल से थाली तक! बस्तर की इस लाल चींटी की चटनी ने विदेशों तक मचाई धूम

Bastar Red Ant Chutney : इन दिनों सोशल मीडिया और फूड कल्चर की चर्चाओं में तेजी से वायरल हो रही है। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में आदिवासी समुदाय वर्षों से लाल चींटियों की चटनी बड़े स्वाद और परंपरा के साथ खाता आ रहा है। पहली बार सुनने में यह अजीब जरूर लगता है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ खाना नहीं बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।

लाल चींटी चटनी परंपरा को लेकर सबसे ज्यादा हैरानी लोगों को इसी बात की होती है कि जिस चींटी के काटने से तेज जलन होती है, उसी का इस्तेमाल स्वादिष्ट चटनी बनाने में किया जाता है।बस्तर के कई गांवों और साप्ताहिक बाजारों में यह चटनी आसानी से मिल जाती है। स्थानीय लोग इसे पत्तों में भरकर बेचते हैं और कई पर्यटक भी इसे उत्सुकता से चखते हैं।

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विदेशी फूड जगत तक पहुंचा बस्तर का स्वाद
बस्तर पारंपरिक भोजन अब सिर्फ आदिवासी इलाकों तक सीमित नहीं रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ विदेशी शेफ और फूड एक्सपर्ट भी इस चटनी में दिलचस्पी दिखा चुके हैं। कहा जाता है कि विदेशी फूड मेन्यू में भी इस अनोखी डिश को जगह मिली है।इससे बस्तर की पारंपरिक खानपान संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने लगी है।

लाल चींटी की चटनी में छिपे हैं पोषण के कई राज
लाल चींटी चटनी फायदे को लेकर आदिवासी समुदाय का मानना है कि यह चटनी शरीर को ताकत देने में मदद करती है। कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इसमें आयरन, कैल्शियम, जिंक और विटामिन बी-12 जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।स्थानीय लोग दावा करते हैं कि इस चटनी का सेवन करने वाले लोग लंबे समय तक मेहनत करने में सक्षम रहते हैं और शरीर में फुर्ती बनी रहती है।

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ऐसे तैयार की जाती है बस्तर की मशहूर चटनी
लाल चींटी चटनी बनाने का तरीका भी काफी अलग और पारंपरिक होता है। इसके लिए जंगलों से लाल चींटियों और उनके अंडों को इकट्ठा किया जाता है।

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इसके बाद:

  • चींटियों को सुखाया जाता है
  • फिर उन्हें पीसकर मिश्रण तैयार किया जाता है
  • स्वाद के लिए टमाटर, लहसुन, मिर्च, अदरक, पुदीना और नमक मिलाया जाता है
    कुछ गांवों में आज भी इसे सिलबट्टे पर पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है।                                           

बस्तर पर्यटन में भी बढ़ रहा इस डिश का आकर्षण
बस्तर फूड पर्यटन के दौरान यहां आने वाले पर्यटक इस अनोखी चटनी का स्वाद लेने में खास दिलचस्पी दिखा रहे हैं। साप्ताहिक बाजारों में कई लोग पर्यटकों को यह चटनी चखने के लिए भी देते हैं।स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे उनकी संस्कृति और पारंपरिक भोजन को नई पहचान मिल रही है।

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सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हो रही बस्तर की चटनी?
लाल चींटी चटनी वायरल खबर इंटरनेट पर तेजी से फैल रही है। जैसे ही लोगों को पता चला कि भारत में एक ऐसा इलाका भी है जहां चींटी की चटनी खाई जाती है, वैसे ही यह चर्चा का बड़ा विषय बन गई। कुछ लोग इसे “भारत का सबसे अनोखा भोजन” बता रहे हैं, तो कुछ इसे “आदिवासी सुपरफूड” कह रहे हैं।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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