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CG NEWS : रूह कंपा देने वाला दोहरा हत्याकांड, भाई और भतीजों ने मिलकर की चाचा-चाची की बेरहमी से हत्या, शवों को बोरे में भरकर श्मशान में दफनाया

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ आपसी पारिवारिक विवाद के चलते भतीजों ने अपने सगे भाई (मृतक के भाई) के साथ मिलकर अपने ही चाचा-चाची की डंडे से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को छुपाने के लिए आरोपियों ने दोनों के शवों को बोरों में भरा और रात के अंधेरे में गांव के श्मशान घाट में दफना दिया। पुलिस ने मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी घटना शोभा थाना क्षेत्र के राजापड़ाव के अंतर्गत आने वाले गरीबा गांव की है।

शादी के बाद बच्चे नहीं थे, भाई-भतीजों से रोज होता था विवाद
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गरीबा गांव के रहने वाले राजाराम नेताम (45 वर्ष) और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम (40 वर्ष) गांव में ही रहते थे। शादी के बाद दोनों की कोई संतान नहीं थी। राजाराम कुल 7 भाई थे और पूरा परिवार आसपास ही रहता था।

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बताया जा रहा है कि राजाराम का अपने भाइयों और भतीजों के साथ तालमेल अच्छा नहीं था। आए दिन घर में किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता रहता था। इसी रंजिश के चलते 6 जून को भाई लखीराम नेताम, भतीजे रघुराम नेताम और नकुल राम नेताम ने मिलकर राजाराम और आशो बाई पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

श्मशान घाट में बनी नई कब्र से खुला 5 दिन पुराना राज
इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा बेहद नाटकीय और हैरान करने वाले तरीके से हुआ:

11 जून को हुई गांव में मौत: हत्या के करीब 5 दिन बाद, 11 जून को गांव के एक अन्य ग्रामीण की सामान्य मौत हो गई।

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ग्रामीणों को हुआ शक: जब ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे, तो उनकी नजर वहां पहले से मौजूद एक ताजी कब्र पर पड़ी। चूंकि पिछले कुछ दिनों में गांव में किसी और की मौत नहीं हुई थी, इसलिए ग्रामीणों को गहरा शक हुआ।

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सरपंच के सामने उगली सच्चाई: इसी बीच गांव से राजाराम और उनकी पत्नी के लापता होने की चर्चा शुरू हुई। चौतरफा दबाव और डर के कारण एक आरोपी भतीजे ने खुद गांव के सरपंच के पास जाकर अपना गुनाह कबूल कर लिया और पूरी सच्चाई बता दी।

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खोदी गई कब्र, आरोपी गिरफ्तार
सरपंच की सूचना पर शोभा थाना प्रभारी पवन वर्मा पुलिस बल के साथ तुरंत गरीबा गांव के श्मशान घाट पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में श्मशान घाट की उस संदिग्ध कब्र को खोदा गया।

कब्र के भीतर से दो बोरे बरामद हुए, जिनमें राजाराम नेताम और आशो बाई नेताम के शव भरे हुए थे। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों के अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर लैब भेज दिया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हत्या में शामिल मृतक के भाई लखीराम नेताम और दोनों भतीजों (रघुराम व नकुल राम) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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