Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

CG NEWS:अवैध रेत उत्खनन रोकने पहुंचे पंच-सरपंच प्रतिनिधि पर जानलेवा हमला…

सक्ति-हसौद। सक्ती जिले की हसौद तहसील की जीवनदायिनी महानदी इन दिनों रेत माफियाओं के निशाने पर है। करही-कटही घाट पर खुलेआम और बेखौफ होकर चल रहे अवैध रेत उत्खनन से शासन को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, वहीं पर्यावरणीय संतुलन भी बिगड़ता जा रहा है। हालात ये हो गए हैं कि अब रेत खनन रोकने की कोशिश करने वाले ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों पर भी जानलेवा हमले किए जा रहे हैं।

सोमवार रात करही गांव में सरपंच प्रतिनिधि और कुछ पंचों ने अवैध रूप से रेत भर रहे चैन माउन्टेन व हाईवा को रोका। इसकी सूचना मिलते ही रेत माफियाओं ने उन पर हमला कर दिया। यह हमला इतना गंभीर था कि गांव में तनाव का माहौल बन गया। इस पूरे मामले की शिकायत बिर्रा थाने में की गई है, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई की खबर नहीं है।

See also  BREAKING NEWS; बंधन बैंक में लूट, पुलिस ने दो घंटे की मशक्कत कर दबोचे आरोपी...

ग्रामीणों का कहना है कि रेत माफियाओं को प्रशासन का खुला संरक्षण प्राप्त है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद ना तो कलेक्टर स्तर पर कोई स्थायी कार्रवाई हुई और ना ही खनिज विभाग ने सख्ती दिखाई। विधायक बालेश्वर साहू ने भी कुछ समय पहले करही घाट पर देर रात छापा मारकर एक चैन माउन्टेन को सील किया था और मौके पर खनिज विभाग के अधिकारियों को बुलाकर सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अवैध उत्खनन जस का तस जारी है, जिससे साफ जाहिर होता है कि अधिकारी या तो माफियाओं के दबाव में हैं या फिर मिलीभगत में।

प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध सक्ती जिला इन दिनों खनन माफियाओं की मनमानी का शिकार होता जा रहा है। रेत से भरे ट्रैक्टर और हाईवा थानों के सामने से गुजरते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल है, क्योंकि विरोध करने पर उन्हें धमकाया जाता है, और नेतागिरी के नाम पर डराया जाता है।

See also  छत्तीसगढ़ : एसपी ने कुसुम प्लांट हादसे की जांच के लिए टीम का किया गठन...

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि शासन प्रशासन अवैध रेत खनन पर सख्त कदम उठाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। वरना नदियों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा, और ग्रामीणों का विश्वास प्रशासन से पूरी तरह उठ जाएगा।

Advertisment

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!