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CG BREAKING : अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर समेत चार आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत, अलग-अलग मामलों में मिली राहत

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कस्टम मिलिंग घोटाला और शराब घोटाला मामलों में हाईकोर्ट से चार आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने कस्टम मिलिंग घोटाले में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर को जमानत प्रदान की है। वहीं शराब घोटाला मामले में आरोपी मुकेश मनचंदा और अतुल सिंह को भी जमानत मिल गई है।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता हर्षवर्धन परघनिया ने जानकारी दी कि कस्टम मिलिंग घोटाले में ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज प्रकरण में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को आज हाईकोर्ट से जमानत मिली है। इसी तरह शराब घोटाला मामले में मुकेश मनचंदा और अतुल सिंह को भी राहत दी गई है।

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 क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला

छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग घोटाला 140 करोड़ रुपये से अधिक का बताया जा रहा है। आरोप है कि इस घोटाले में 140 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध वसूली की गई, जिसमें अधिकारी, राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी और अन्य प्रभावशाली लोग शामिल थे। कस्टम मिलिंग के तहत अलग-अलग राइस मिलों से नागरिक आपूर्ति निगम और एफसीआई में चावल जमा किया जाता था। इस मामले में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को आरोपी बनाया गया था। ईओडब्ल्यू ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर चालान पेश किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेजा गया था। अब हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई है।

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 20 रुपये प्रति क्विंटल अवैध वसूली का आरोप

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ईओडब्ल्यू के अनुसार फरवरी 2025 में रोशन चंद्राकर और मनोज सोनी के खिलाफ कस्टम मिलिंग घोटाले में पहला चालान पेश किया गया था। जांच में सामने आया कि अनिल टुटेजा और छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच आपराधिक षड्यंत्र रचा गया था। कस्टम मिलिंग के नाम पर राइस मिलों से अवैध वसूली की गई, जिससे कम से कम 20 करोड़ रुपये जुटाए गए। राइस मिलरों पर दबाव बनाने के लिए मार्कफेड के जिला विपणन अधिकारियों के जरिए उनके बिल लंबित रखे जाते थे, जिससे मजबूर होकर मिलर 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अवैध राशि देते थे।

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अनवर ढेबर की भूमिका

अनवर ढेबर वर्ष 2022 से 2023 के बीच राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्ति माने जाते थे। आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्यों से यह सामने आया था कि उनका प्रभाव न केवल शराब घोटाले में बल्कि तत्कालीन सरकार के दौरान लोक निर्माण विभाग और वन विभाग जैसे अहम विभागों में भी था। जांच एजेंसियों के अनुसार कस्टम मिलिंग घोटाले में अनिल टुटेजा के लिए राइस मिलों से की गई अवैध वसूली की राशि का संग्रह, निवेश और उपभोग अनवर ढेबर द्वारा किया गया।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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