Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

RBI NEWS : RBI की सख्ती से बदली तस्वीर, 12 साल में सबसे बड़ी उछाल

नई दिल्ली: Reserve Bank of India (RBI) के सख्त कदमों का असर अब साफ दिखने लगा है। रुपये में गिरावट थमने के साथ-साथ इसमें जोरदार तेजी आई है। करेंसी मार्केट में अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए RBI द्वारा उठाए गए कदमों के अगले ही दिन रुपया मजबूत हो गया।

2 अप्रैल को डॉलर के मुकाबले रुपया करीब **1.8% मजबूत होकर 93.17** तक पहुंच गया। यह सितंबर 2013 के बाद की सबसे बड़ी तेजी है। इस दौरान बैंक अपने ऑफशोर डॉलर पोजीशन को भी कम कर रहे थे, जिससे रुपये को अतिरिक्त सहारा मिला।

RBI NEWS : तेजी की बड़ी वजह क्या रही?

See also  छग सराफा संघ ने ब्रांडेड गोल्ड के जाल से किया आगाह; सोना कभी रेट से सस्ता नहीं होता, कमल सोनी ने कहा-शुद्धता और कीमत पर बड़े कॉरपोरेट घराने फैला रहे हैं भ्रम...

1 अप्रैल को RBI ने फॉरेक्स मार्केट के नियमों को कड़ा किया। इसके तहत:

* बैंकों को **नॉन-डिलीवर फॉरवर्ड (NDF)** कॉन्ट्रैक्ट जारी करने से रोक दिया गया
* कंपनियों को रद्द किए गए विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट दोबारा बुक करने की अनुमति नहीं दी गई

Advertisment

NDF एक तरह का फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट होता है, जिसमें भविष्य में रुपये की कीमत के आधार पर सौदा किया जाता है। इस पर रोक लगाकर RBI ने करेंसी में सट्टेबाज़ी को सीमित करने की कोशिश की है।

पहले क्यों गिर रहा था रुपया?

रुपये की कमजोरी के पीछे कई बड़े कारण थे:

* विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली—मार्च में करीब 1.11 लाख करोड़ रुपये की निकासी
* वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव और युद्ध की आशंका
* कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी

See also  आ रहा है Nothing Phone 3: दमदार फीचर्स और प्रीमियम लुक के साथ 1 जुलाई को होगा लॉन्च, जानें फोन के बारे में सबकुछ

होर्मुज़ मार्ग से जुड़ी चिंताओं और सप्लाई बाधित होने की आशंका ने भी तेल कीमतों को ऊपर धकेला, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा।

कच्चे तेल का असर

Donald Trump के ईरान युद्ध को लेकर दिए गए बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। तेल की कीमत **106 डॉलर प्रति बैरल** से ऊपर पहुंच गई। चूंकि भारत तेल आयात पर निर्भर है, इसलिए तेल महंगा होने पर डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव आता है।

RBI के सख्त कदमों ने अल्पकाल में रुपये को मजबूत करने में मदद की है। हालांकि, वैश्विक कारक—खासकर कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव—आगे भी रुपये की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

See also  Mahadev Satta App Case: ईडी की बड़ी कार्रवाई, देश भर से जब्त किए कुल 573 करोड़ रुपये की संपत्ति...

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!