Bihar News: नर्सरी का छात्र बंदूक लेकर स्कूल पहुंचा, तीसरे क्लास के स्टूडेंट को मार दी गोली…
Supaul Firing In School: नर्सरी के छात्र ने अपने तीसरी क्लास के स्टूडेंट पर गोली चला दी। घटना एक प्राइवेट बोर्डिंग स्कूल की है। इस मामले में सवाल उठ रहा है कि जिस बच्चे ने गोली मारी है, उसके पास बंदूक कहां से आई। पुलिस इसकी जांच कर रही है। जिस स्टूडेंट ने गोली चलाई है उसके पिता पहले इसी स्कूल में गार्ड थे।

Bihar News: नर्सरी का छात्र बंदूक लेकर स्कूल पहुंचा, तीसरे क्लास के स्टूडेंट को मार दी गोली
Supaul Firing In School: नर्सरी के छात्र ने अपने तीसरी क्लास के स्टूडेंट पर गोली चला दी। घटना एक प्राइवेट बोर्डिंग स्कूल की है। इस मामले में सवाल उठ रहा है कि जिस बच्चे ने गोली मारी है, उसके पास बंदूक कहां से आई। पुलिस इसकी जांच कर रही है। जिस स्टूडेंट ने गोली चलाई है उसके पिता पहले इसी स्कूल में गार्ड थे।
10 साल के बच्चे के हाथ में लगी गोली।
घायल छात्र को अस्पताल ले जाया गया।
सुपौल के त्रिवेणीगंज लालपट्टी का मामला।
पीटीआई, नई दिल्ली। Supaul Firing in School: बिहार के सुपौल जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां लालपट्टी इलाके में स्थित निजी स्कूल में पढ़ने वाले नर्सरी के छात्र ने 10 साल के स्टूडेंट को गोली मार दी। गोली छात्र के हाथ में लगी। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बच्चे के पास कैसे आई बंदूक
जानकारी के अनुसार, पांच साल का बच्चा अपने बैग में बंदूक छिपाकर ले गया था। घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। पुलिस ये पता लगाने की कोशश कर रही है कि आखिर नर्सरी के छात्र के पास बंदूक कहां से आई।
10 साल के छात्र को मारी गोली
पुलिस अधीक्षक शैशव यादव के अनुसार, नर्सरी के स्टूडेंट ने 10 वर्षीय छात्र आसिफ पर गोली चला दी, जो उसी स्कूल में कक्षा तीसरी में पढ़ता है। गोली उसके बाएं हाथ में लगी। घायल आसिफ को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया।
बच्चों के बैग की नियमित जांच की जाए
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक यादव ने कहा, ‘हम स्कूलों से यह सुनिश्चित करने के लिए कह रहे हैं कि स्टूडेंट्स के बैग नियमित जांच की जाएं।’ स्कूल प्रशासन से पूछताछ की जा रही है कि आखिरकार लापरवाही कैसे हुई।
घटना से आक्रोशित परिजनों ने लालपट्टी गांव स्थित एनएच 327 को विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पुलिस से कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस को जाम हटाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।



