केंद्र सरकार का बड़ा फैसला,आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के लिए नए सुरक्षा नियम जारी

नई दिल्ली,10 मई 2026: केंद्र सरकार ने श्रम कानूनों के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सुधार करते हुए श्रम संहिता Labour Codes के तहत नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का सीधा लाभ केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, स्वायत्त निकायों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों PSUs में कार्यरत लाखों आउटसोर्स और संविदा Contractual कर्मचारियों को मिलेगा।
प्रमुख सुधार और उनके लाभ समय पर वेतन की गारंटी के साथ सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वेतन संहिता, 2019 की धारा 17-1 के तहत वेतन भुगतान के लिए एक निश्चित समयसीमा निर्धारित कर दी गई है।
नियोक्ताओं की बढ़ी जवाबदेही जी हाँ नए नियमों के अनुसार अब केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि मुख्य नियोक्ता Principal एम्प्लायर की भी यह जिम्मेदारी होगी कि वह सुनिश्चित करे कि कर्मचारियों को समय पर पैसा मिले।
सामाजिक सुरक्षा भी अनिवार्य होगा,अब संविदा कर्मचारियों के लिए अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा अंशदान जैसे PF और अन्य लाभ सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। इससे कर्मचारियों को रिटायरमेंट और स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा मिलेगी।
कठोर प्रवर्तन व्यवस्था अब श्रम कानूनों के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार ने प्रवर्तन तंत्र Enforcement Mechanism को और अधिक मजबूत बनाया है। यदि कोई ठेकेदार नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी आधार के अनुसार
निर्देशों में विशेष रूप से व्यावसायिक सुरक्षा स्वास्थ्य और कार्य परिस्थिति संहिता 2020 की धारा 55-3 का उल्लेख किया गया है। यह धारा मुख्य नियोक्ता को बाध्य करती है कि वह ठेकेदार द्वारा किए जा रहे वेतन भुगतान की निगरानी करे।
सरकार के इस कदम का उद्देश्य श्रम बाजार में पारदर्शिता लाना और उन कर्मचारियों के शोषण को रोकना है जो अनुबंध के आधार पर सरकारी तंत्र का हिस्सा हैं। इससे न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।



