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EPFO नियमों में बड़ा बदलाव! प्राइवेट PF ट्रस्ट पर सख्ती, ब्याज सीमा तय, बदला ऑडिट सिस्टम…

EPFO new PF trust rules 2026 : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने प्राइवेट पीएफ ट्रस्ट चलाने वाली कंपनियों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए Standard Operating Procedures (SOPs) के तहत अब छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों (Exempted Establishments) की कार्यप्रणाली पर सख्ती बढ़ा दी गई है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य कर्मचारियों की बचत को सुरक्षित करना और सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाना है।

PF ट्रस्ट पर अब 2% ब्याज सीमा तय

नए नियमों के अनुसार अब कोई भी छूट प्राप्त पीएफ ट्रस्ट EPFO द्वारा घोषित वार्षिक ब्याज दर से अधिकतम 2 प्रतिशत अंक से ज्यादा ब्याज नहीं दे सकेगा।

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सरकारी सूत्रों के मुताबिक कई छोटे ट्रस्ट पहले बहुत अधिक ब्याज (30% तक) घोषित कर रहे थे, जिससे वित्तीय असंतुलन और जोखिम बढ़ रहा था। इसी को रोकने के लिए यह सीमा लागू की गई है।

अब ऑडिट सिर्फ रिस्क बेस्ड होगा

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EPFO ने ऑडिट सिस्टम में भी बड़ा बदलाव किया है। अब हर कंपनी का सालाना अनिवार्य ऑडिट नहीं होगा।

नई व्यवस्था के तहत केवल उन्हीं कंपनियों का ऑडिट किया जाएगा, जिनमें नियम उल्लंघन या वित्तीय जोखिम की आशंका होगी। इसे “Risk-Based Audit System” कहा जा रहा है।

सरकार का कहना है कि इससे अनुपालन करने वाली कंपनियों पर अनावश्यक बोझ कम होगा और कारोबारी प्रक्रियाएं आसान होंगी।

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देश में 1000 से ज्यादा कंपनियां EPFO छूट में

फिलहाल देश में करीब 1000 से 1200 बड़ी कंपनियां, PSU और निजी संगठन EPFO से छूट प्राप्त हैं। ये कंपनियां अपने अलग PF ट्रस्ट चलाती हैं, लेकिन इन्हें EPFO के बराबर या उससे बेहतर लाभ देना अनिवार्य होता है।

मर्जर और एक्विजिशन पर भी नया नियम

नए SOPs में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मर्जर या अधिग्रहण (M&A) के बाद भी कंपनियां अपना छूट प्राप्त दर्जा बनाए रख सकती हैं।

अगर कोई कंपनी स्वेच्छा से यह दर्जा छोड़ती है या कानूनी आदेश से हटती है, तो उसे सार्वजनिक नोटिस जारी करना अनिवार्य होगा ताकि कर्मचारियों की जमा राशि सुरक्षित तरीके से ट्रांसफर हो सके।

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कर्मचारियों की सुरक्षा पर फोकस

EPFO का कहना है कि इन नए नियमों से प्राइवेट PF ट्रस्ट में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स अधिक सुरक्षित रहेंगी। नए नियम जल्द ही आधिकारिक रूप से अधिसूचित किए जाएंगे।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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