Anju Mahendru : राजेश खन्ना से गहरी मोहब्बत करती थीं अंजू महेंद्रू, अंतिम वक्त तक नहीं छोड़ा उनका साथ…
Anju Mahendru : राजेश खन्ना से गहरी मोहब्बत करती थीं अंजू महेंद्रू, अंतिम वक्त तक नहीं छोड़ा उनका साथ।

Anju Mahendru : अंजू महेंद्रू एक शानदार अभिनेत्री हैं, जिन्होंने कई फिल्मों और टीवी शोज में काम किया है। हालांकि, वह अपनी व्यक्तिगत ज़िन्दगी को लेकर भी चर्चा में रही हैं, खासकर उनके और राजेश खन्ना के रिश्ते को लेकर। अंजू महेंद्रू, राजेश खन्ना से बहुत प्यार करती थीं और राजेश खन्ना भी उनसे बहुत प्रेम करते थे। कहा जाता है कि अंजू को जलाने के लिए ही राजेश खन्ना ने डिंपल कपाड़िया से शादी की थी। हालांकि दोनों ने शादी नहीं की, लेकिन राजेश खन्ना के अंतिम समय में अंजू उनके साथ थीं और उनका ख्याल रख रही थीं।
अंजू महेंद्रू और राजेश खन्ना का रिश्ता 1962 से 1972 तक लिव-इन रिलेशनशिप में था, लेकिन अंत में यह शादी तक नहीं पहुंच पाया। अंजू के अनुसार, राजेश खन्ना पुराने ख्यालात के थे और उनके विचारों के कारण दोनों के बीच मतभेद होते रहते थे। अंजू ने एक इंटरव्यू में कहा था कि राजेश खन्ना बहुत डॉमिनेटिंग थे और चाहते थे कि उनकी तरह बाकी सभी लड़कियां भी उनके सामने झुकें। वह यह नहीं समझ सकते थे कि अंजू उनके स्टारडम से परे उन्हें उसी रूप में प्यार करती थीं, जैसे वह किसी सामान्य इंसान को करतीं।
जब अंजू और राजेश खन्ना के रिश्ते में खटास आई, तो अंजू ने गुस्से में क्रिकेटर गैरी सोबर्स से सगाई कर ली थी। हालांकि, बाद में उन्होंने यह महसूस किया कि उनका दिल सिर्फ राजेश खन्ना के लिए धड़कता है और उन्होंने गैरी से सगाई तोड़ दी। राजेश खन्ना को जब सगाई के बारे में पता चला, तो वह बहुत टूट गए और अंजू पर शक करने लगे। अंजू ने बताया कि राजेश खन्ना इतने पजेसिव हो गए थे कि वह लगातार फोन करके यह पूछते रहते थे कि वह कहां हैं।
राजेश खन्ना की जिंदगी में डिंपल कपाड़िया के आने के बाद दोनों ने शादी की, लेकिन उनकी शादी भी ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल पाई। कहा जाता है कि राजेश खन्ना ने अंजू को दुखी करने के लिए अपनी शादी की बारात उनके घर के सामने से निकाली थी।
राजेश खन्ना के निधन के बाद, महेश भट्ट ने खुलासा किया कि अंजू महेंद्रू उनके अंतिम समय में उनके साथ थीं। भट्ट ने बताया कि राजेश खन्ना के जीवन के आखिरी सालों में अंजू उनका ख्याल रखती थीं, उनकी दवाइयों और खानपान का ध्यान रखती थीं। यहां तक कि राजेश खन्ना के आखिरी समय में भी उन्होंने अंजू का हाथ थामा हुआ था। मुमताज ने भी इस बात की पुष्टि की थी।
अंजू महेंद्रू की अभिनय यात्रा की शुरुआत 1966 में फिल्म ‘उसकी कहानी’ से हुई थी। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन की दुनिया में भी नाम कमाया, विशेष रूप से दूरदर्शन के लोकप्रिय सीरियल ‘स्वाभिमान’ से उन्हें पहचान मिली।



