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नवागढ़: ग्राम पंचायत ठाकुरदिया में फर्जीवाड़े का आरोप, जनपद पंचायत सीईओ को सौंपा विस्तृत शिकायत पत्र, जांच की उठी मांग, शासकीय तालाब की मिट्टी बिक्री सहित चार मामलों की शिकायत, सरपंच की अनुपस्थिति, पुत्र पर पंचायत संचालन के आरोप; तालाबों के कथित अवैध ठेके की जांच की मांग

जांजगीर-चांपा। जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत ठाकुरदिया में पंचायत कार्यों एवं शासकीय संपत्तियों के उपयोग को लेकर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता अमित कुमार ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), जनपद पंचायत नवागढ़ को विस्तृत शिकायत पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत ठाकुरदिया में 15वें वित्त आयोग योजना के अंतर्गत कराए गए विकास कार्यों में व्यापक स्तर पर अनियमितता एवं फर्जीवाड़ा किया गया है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि योजना के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों के बिल-वाउचर, माप पुस्तिका (एम.बी.), तकनीकी स्वीकृति, भुगतान संबंधी दस्तावेजों एवं अन्य अभिलेखों की जांच कर मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राम के बांधा तालाब (शासकीय तालाब) से बिना किसी सक्षम प्रशासनिक अनुमति एवं आदेश के लगभग 2000 ट्रिप मिट्टी निकालकर निजी उपयोग एवं बिक्री की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रेस विज्ञप्ति में एक अन्य गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि ग्राम पंचायत की नियमित बैठकों में निर्वाचित सरपंच श्रीमती फिरतीन बाई साहू लगातार अनुपस्थित रहती हैं, जबकि पंचायत के अधिकांश कार्य उनके पुत्र राम कृपाल साहू द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने पंचायत संचालन नियमों के उल्लंघन की जांच कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है।
इसके अलावा शिकायत में यह भी कहा गया है कि ग्राम के सरगबूंदिया तालाब, कंगार तालाब एवं बड़े तालाब को बिना पंचायत प्रस्ताव, बिना नियमानुसार प्रक्रिया एवं बिना सक्षम स्वीकृति के कथित रूप से अपने चहेते व्यक्तियों को मछली पालन के लिए ठेके पर दे दिया गया। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता अमित कुमार ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मांग की है कि इन सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए सक्षम जांच दल गठित किया जाए, सभी अभिलेखों की जांच एवं स्थल निरीक्षण कराया जाए तथा यदि शिकायतें सत्य पाई जाती हैं तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शिकायत सौंपे जाने के बाद ग्रामीणों में भी मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर चर्चा है। शिकायतकर्ता ने कहा कि उनका उद्देश्य शासन की योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना तथा शासकीय संपत्तियों के दुरुपयोग पर रोक लगाना है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की अपेक्षा व्यक्त की है।



