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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

अयोध्या में बन रहे राममंदिर की प्रतिकृति तर्ज पर तैयार हो रहे भव्य पंडाल में विराजेगी 35 फीट ऊँची माँ दुर्गा प्रतिमा…

अयोध्या में बन रहे राममंदिर की प्रतिकृति तर्ज पर तैयार हो रहे भव्य पंडाल में विराजेगी 35 फीट ऊँची माँ दुर्गा प्रतिमा 
 
स्वर्ण सिहासन पर विराजित माता रानी थीम पर बन रहा भव्य पंडाल, मंगलवार से माँ के होंगे दर्शन, विधिवत पूजा होगी पंचमी से
 
जांजगीर-चांपा। रेलवे स्टेशन नैला के सामने इस साल अयोध्या में बन रहे राममंदिर की प्रतिकृति की तरह ही 100 फीट ऊंचा व चौड़ा भव्य पंडाल में मां दुर्गा की 35 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। माता की प्रतिमा के साथ ही भगवान गणेश, कार्तिकेय, माता लक्ष्मी और माता सरस्वती की 15-15 फीट की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। सभी प्रतिमाओं के ऊपर चांदी के छत्र लगाए जाएंगे। श्रद्धालु नवरात्रि की तृतीया 17 अक्टूबर से लोगों के लिए यहां का द्वार खुल जाएगा। वैसे पंचमी से विधि-विधान से पूजा होती है।
पत्रकारो से चर्चा के दौरान समिति राजेश पालीवाल ने बताया कि 40 वर्षों से चली आ रही परंपरा को हम निभाते आ रहे हैं। हमको हर साल चैलेंज होता है कि नया क्या करें, कोशिश करते हैं, कुछ नया करें। इसमें सभी लोगों का सुझाव लेते है, लोग जुड़ते जाते हैं और कांरवा बनते जाता है। इस काम में बजट का आंकड़ा नहीं कर पाते हैं। समिति द्वारा सहयोग से यह चलता है, फिर उसकी पूर्ति करते है। इस बार अयोध्या राम मंदिर की डिजाईन में 135 फीट ऊंचे तथा 100 फीट पंडाल में मां दुर्गा विराजेंगी। मातारानी का सिंहासन स्वर्ण जड़ित होगा। इस मूर्ति को विश्व प्रसिद्ध धर्माकोल कलाकार अशोक पंचाल तथा छत्तीसगढ़ के कलाकार प्रदीप देवांगन के द्वारा बनाया गया है जो मूर्ति कलाकार आते है वे अपनी सेवा देते हैं। इस दौरान राहुल अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अशोक शर्मा, पवन अग्रवाल, गोपाल दुबे, एल्डरमैन मनोज अग्रवाल सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।
पिछले 13 सालों में रहा है ऐसा स्वरूप
वैसे तो पिछले चालीस वर्षों से यह परंपरा बनी हुई है। 2009 से लेकर अब तक हर बार नया स्वरूप देने की कोशिश की गई है। इस आयोजन की चर्चा देश के कोने-कोने में होती है। सिक्कों, सोने-चांदी, अमेरिकन डायमंड, रत्न जड़ित प्रतिमा, नारियल से बनी प्रतिमा, माहेशमति साम्राज्य का पंडाल सहित हर वर्ष नया आकर्षण बना रहता है।
 
अग्रसेन भवन के सामने खाली मैदान में होगी पार्किंग की व्यवस्था
इस वर्ष पार्किंग के लिए बहुत सारी व्यवस्था की गई है, अग्रसेन भवन के सामने खाली पड़े मैदान को पार्किंग जोन बनाया जाएगा। बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए बैटरी चलित ऑटो रिक्शा का व्यवस्था किया गया है, पानी की भी उचित व्यवस्था समिति द्वारा की गई है। आचार संहिता में कई नियमों को पालन करते हुए यहां काम किया जा रहा है। साथ ही एलईडी की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से 50 मीटर तक की एरिया सीसी कैमरे से लैस किया जाएगा, अस्थाई चौकी भी यहां पर बनाई जाएगी।
 
पार्किंग व बैटरी चलित आटो की सुविधा
नैला दुर्गोत्सव की प्रसिद्धी बढ़ने के साथ ही यहां हर साल श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। पिछले साल यहां उमड़ी भीड़ के चलते शहर में तीन से चार घंटे तक जाम लग गया था। जिसे देखते हुए इस बार समिति के द्वारा जिला और पुलिस प्रशासन से मिलकर पार्किंग का प्लान तैयार किया गया है। भीड़ को देखते हुए चार पहिया वाहनों को इस बार प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एक किलोमीटर पहले अग्रसेन भवन के सामने पार्किंग पाइंट बनाया जाएगा। जहां पार्किंग की सुविधा रहेगी वहां से बड़े बुजुर्गों को पंडाल तक लाने ले जाने के लिए बैटरी चलित आटो की व्यवस्था रहेगी। स्कूल वाहन और रेलवे यात्रियों को छूट दिया जाएगा।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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