व्यावसायिक प्रशिक्षकों का मानदेय अटका, 121 हेल्थ केयर प्रशिक्षकों की राशि में कटौती का आरोप

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ नवीन व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ ने प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रशिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। संघ का आरोप है कि वर्षों से सेवाएं दे रहे व्यावसायिक प्रशिक्षकों को समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है और कई मामलों में स्वीकृत राशि से कम भुगतान किया जा रहा है। संघ ने समस्याओं के निराकरण के लिए 16 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा है।
संघ के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में करीब 1,029 व्यावसायिक प्रशिक्षकों का मई-जून माह का मानदेय लंबित है। वहीं सेवा सुरक्षा को लेकर भी प्रशिक्षकों में असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है। संघ ने बताया कि PAB 2025-26 में मानदेय में ₹1,000 प्रतिमाह वृद्धि का प्रावधान किया गया था, लेकिन संबंधित प्रशिक्षकों को बढ़ी हुई राशि का एरियर्स अब तक नहीं मिला है।
ज्ञापन में 121 अनुभवी हेल्थ केयर ट्रेड प्रशिक्षकों के मानदेय में कटौती का भी मुद्दा उठाया गया है। संघ का कहना है कि लंबे समय से कार्यरत प्रशिक्षकों का मानदेय ₹23,000 से घटाकर ₹20,000 किया गया है।
इसके अलावा इंडस्ट्रियल विजिट एवं गेस्ट लेक्चर की राशि में 25 से 40 प्रतिशत तक कटौती, निर्धारित कार्य के अलावा गैर-व्यावसायिक कार्य कराने, समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं मिलने तथा मेडिकल और मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाओं के अभाव का भी आरोप लगाया गया है।
संघ ने नवीन निविदा में पूर्व से कार्यरत 1,029 प्रशिक्षकों को यथावत रखने, 121 हेल्थ केयर प्रशिक्षकों का मानदेय ₹23,000 निर्धारित करने, लंबित भुगतान तत्काल कराने तथा प्रशिक्षकों के लिए स्पष्ट अवकाश नीति लागू करने की मांग की है। साथ ही व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता और प्रभावी संचालन के लिए विभागीय स्तर पर समिति गठित करने की मांग भी की गई है।



