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एक्शन मोड में विकास खंड शिक्षा अधिकारी बच्चों को बोला इमला, शिक्षण गुणवत्ता परखने एवं शिक्षा स्तर को और बेहतर बनाने की दिशा में एक पहल

जांजगीर-चांपा। बम्हनीडीह ब्लॉक में मेरी तैयारी-मेरी सफलता अभियान के तहत विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसंत चतुर्वेदी ने शाला निरीक्षण के दौरान शा पूर्व माध्यमिक शाला हथनेवरा में कक्षा 6वीं के विद्यार्थियों को स्वयं इमला (Dictation) बोला।
छात्र-छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ अपनी कॉपी में इमला लिखा और बीईओ सर से अपनी कॉपियों की जाँच करवाकर हस्ताक्षर कराए।
इमला का महत्व:
- स्पेलिंग अभ्यास: इमला बोलने और लिखने से बच्चों का वर्तनी सुधार (Spelling Practice) और शब्द ज्ञान मजबूत होता है।
- सटीकता और एकाग्रता: यह बच्चों में ध्यान से सुनने और तेजी से सही लिखने की क्षमता विकसित करता है।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी का इस तरह जमीनी स्तर पर उतरकर बच्चों का मार्गदर्शन करना निश्चित रूप से विद्यार्थियों और शिक्षकों का उत्साह बढ़ाता है।
शा पूर्व माध्यमिक शाला हथनेवरा के प्रधान पाठक शिव साहू द्वारा पिछले दिवस दिए गए गृह कार्य को भी बीईओ ने चेक किया।



