छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर
श्रावण मास में शिवभक्ति की गूंज: 3 अगस्त से जांजगीर में आठ दिवसीय सार्वजनिक श्री शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन
पार्थिव शिवलिंग पूजन, रुद्राभिषेक, शिव-पार्वती विवाह उत्सव सहित होंगे विविध धार्मिक अनुष्ठान, श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील

जांजगीर-चांपा। श्रावण मास के पावन अवसर पर भगवान शिव की भक्ति और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के उद्देश्य से स्वास्थ्य पेंशनर एवं प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ, समस्त पेंशनर्स, वरिष्ठ नागरिकों, कर्मचारी-अधिकारियों एवं शिव भक्तों के संयुक्त तत्वावधान में 3 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक सार्वजनिक श्री शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन श्री बद्री गार्डन, मंगल भवन, दीनदयाल कॉलोनी, खोखरा भांठा, जांजगीर में संपन्न होगा।
आयोजन समिति के अनुसार आठ दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शिव इच्छा तक श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन होगा। कथा का वाचन एवं व्याख्यान कथाव्यास आचार्य पं. अनुराग कृष्ण दुबे (गोसेवा धाम, रतनपुर, जिला बिलासपुर) द्वारा किया जाएगा। अपनी मधुर वाणी, सरल शैली और ओजस्वी प्रवचन के माध्यम से वे भगवान शिव की महिमा, धर्म, भक्ति और जीवन मूल्यों का वर्णन करेंगे, जिससे श्रद्धालु आध्यात्मिक ज्ञान एवं प्रेरणा प्राप्त कर सकेंगे।
इसके साथ ही प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक का आयोजन भी किया जाएगा। श्रद्धालु परिवार सहित भगवान भोलेनाथ का पूजन-अर्चन कर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर सकेंगे। श्रावण मास में शिव आराधना का विशेष महत्व होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
आठ दिनों तक चलेगा धार्मिक आयोजनों का क्रम
आयोजन समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 3 अगस्त को भव्य जल शोभायात्रा, वेदी पूजन एवं शिव महात्म्य कथा के साथ आयोजन का शुभारंभ होगा।
- 4 अगस्त को पार्थिव शिवलिंग पूजन विधि एवं भस्म-रुद्राक्ष महिमा का वर्णन किया जाएगा।
- 5 अगस्त को माता सती के चरित्र का भावपूर्ण वर्णन होगा।
- 6 अगस्त को भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह उत्सव का आयोजन किया जाएगा।
- 7 अगस्त को शिव अवतार कथा एवं द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का वर्णन होगा।
- 8 अगस्त को शिव भक्ति महिमा एवं महाशिवरात्रि कथा का श्रवण कराया जाएगा।
- 9 अगस्त को पंचाक्षर मंत्र “ॐ नमः शिवाय” की महिमा तथा शिव पूजा की विधि का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।
समापन दिवस 10 अगस्त को बेलपत्र अर्पण, हवन-पूजन, सहस्रधारा, ब्राह्मण भोज, प्रसाद वितरण एवं विसर्जन कार्यक्रम के साथ आयोजन का समापन होगा।
आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश
आयोजन समिति ने बताया कि इस सार्वजनिक शिव महापुराण कथा का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, धार्मिक संस्कार, भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। कथा के माध्यम से भगवान शिव के आदर्शों, त्याग, करुणा और मानव कल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजन स्थल पर बैठने, पेयजल, प्रसाद वितरण एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील
आयोजन समिति ने समस्त पेंशनर्स, वरिष्ठ नागरिकों, कर्मचारी-अधिकारियों, महिला-पुरुषों, युवाओं एवं शिव भक्तों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर श्री शिव महापुराण कथा का श्रवण करें, पार्थिव शिवलिंग पूजन, रुद्राभिषेक एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित करें तथा आयोजन को सफल बनाएं।
प्रेषक:
आर. के. थवाईत
मो.: 9425228429



