IPS Seema Aggarwal: 36 साल IPS की नौकरी, रिटायर होते ही उठाया ऐसा कदम कि हर कोई कर रहा सलाम

चेन्नई। 36 वर्षों तक पुलिस सेवा में अहम जिम्मेदारियां निभाने के बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सीमा अग्रवाल अब समाज सेवा के एक नए रूप में नजर आ रही हैं। तमिलनाडु फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज की पूर्व डीजीपी सीमा अग्रवाल 30 जून को सेवानिवृत्त हुईं। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने चेन्नई के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल ली है।
सीमा अग्रवाल चेन्नई के तेयनामपेट स्थित कॉर्पोरेशन हाई स्कूल में कक्षा 6 और 7 के छात्रों को अंग्रेजी और गणित पढ़ा रही हैं। खास बात यह है कि उन्होंने यह काम किसी औपचारिक नियुक्ति के तहत नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए शुरू किया है। इसके लिए चेन्नई कॉर्पोरेशन ने उन्हें विशेष अनुमति भी दी है।
कौन हैं सीमा अग्रवाल?
सीमा अग्रवाल मूल रूप से राजस्थान के जयपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई की और इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा पास कर वर्ष 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी बनीं। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने हिमाचल प्रदेश कैडर से की।
बाद में तमिलनाडु के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ए.के. विश्वनाथन से विवाह के बाद वर्ष 1993 में उनका कैडर तमिलनाडु हो गया। उनके पति ए.के. विश्वनाथन भी 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं और चेन्नई के पुलिस आयुक्त सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
कई अहम पदों पर दी सेवाएं
अपने लंबे पुलिस करियर में सीमा अग्रवाल ने तमिलनाडु के कई जिलों में जिला पुलिस प्रमुख के रूप में काम किया। इसके अलावा उन्होंने सिविल सप्लाईज सीआईडी, यूनिफॉर्म्ड सर्विसेज रिक्रूटमेंट बोर्ड, पुलिस मुख्यालय, स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो, सीबीआई और एंटी करप्शन विंग जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी जिम्मेदारियां निभाईं।
सेवा के अंतिम चरण में वह तमिलनाडु फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज की डीजीपी रहीं। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक सहित कई सम्मान भी मिल चुके हैं।
नौकरी के दौरान भी पढ़ाती थीं बच्चों को
सीमा अग्रवाल का शिक्षा से जुड़ाव नया नहीं है। पुलिस सेवा में रहते हुए भी उन्होंने चेन्नई के ‘थाउजेंड लाइट्स’ क्षेत्र के एक कॉर्पोरेशन स्कूल में कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों को अंग्रेजी और गणित पढ़ाया था। उनका मानना है कि शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
रिटायरमेंट के बाद भी जारी है सेवा
सेवानिवृत्ति के बाद सीमा अग्रवाल ने फिर से स्कूल पहुंचकर बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। बताया जाता है कि वह हर सुबह 40-40 मिनट की दो कक्षाएं लेती हैं और छात्रों को आसान तरीके से अंग्रेजी और गणित समझाती हैं।
इस बारे में सीमा अग्रवाल का कहना है कि रिटायरमेंट के बाद उन्होंने जरूरतमंद बच्चों की मदद करने का फैसला किया। उनका मानना है कि वे यह काम एक मां की भावना से कर रही हैं और जितनी भी मदद छात्रों की कर सकती हैं, करना चाहती हैं। वर्दी में कानून-व्यवस्था संभालने के बाद अब सीमा अग्रवाल शिक्षा के जरिए समाज को नई दिशा देने का प्रयास कर रही हैं। उनका यह कदम कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है।



