पुलिस लाइन जांजगीर में बलवा ड्रिल का अभ्यास, भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने का लिया प्रशिक्षण

जांजगीर-चांपा, 24 जुलाई। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन जांजगीर में पुलिस अधिकारियों और जवानों का विशेष बलवा ड्रिल (Riot Drill) अभ्यास कराया गया। पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में जनरल परेड के बाद पुलिस बल को भीड़ नियंत्रण, दंगा जैसी परिस्थितियों से निपटने, आपातकालीन हालात में त्वरित प्रतिक्रिया देने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
अभ्यास के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप ने अधिकारियों एवं जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के दौरान धैर्य, संयम और सतर्कता पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर किसी भी स्थिति में घबराने के बजाय पूरी तैयारी और समन्वय के साथ कार्रवाई करें तथा आम नागरिकों के साथ सौहार्दपूर्ण और संवेदनशील व्यवहार बनाए रखें।
बलवा ड्रिल के दौरान पुलिस जवानों को विभिन्न प्रकार की संभावित परिस्थितियों का अभ्यास कराया गया। इसमें उग्र भीड़ को नियंत्रित करने की रणनीति, दंगाई गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई, पुलिस बल के बीच समन्वय स्थापित करने तथा सुरक्षा उपकरणों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही बलवा नियंत्रण में प्रयुक्त सुरक्षा संसाधनों और उपकरणों के संचालन का भी प्रदर्शन किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने जवानों को बताया कि किसी भी अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण स्थिति में त्वरित निर्णय, अनुशासन और टीमवर्क ही सफलता की कुंजी है। ऐसे नियमित अभ्यास पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई करने के लिए तैयार करते हैं।
इस बलवा ड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल की कार्यकुशलता, समन्वय क्षमता और आपदा अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता को मजबूत करना रहा। अभ्यास के दौरान जवानों ने विभिन्न परिस्थितियों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का सफल प्रदर्शन किया।
पुलिस विभाग का कहना है कि इस प्रकार के नियमित प्रशिक्षण और अभ्यास भविष्य में किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में सहायक सिद्ध होंगे तथा जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



