अपनी ही बारात लौटाने वाली मुस्कान बनीं परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलर, जांजगीर-चांपा पुलिस ने सौंपा नया दायित्व

जांजगीर-चांपा। शराब के खिलाफ अपनी ही शादी ठुकराकर पूरे प्रदेश में साहस और सामाजिक जागरूकता की मिसाल कायम करने वाली ग्राम कोसमंदा की मुस्कान को जांजगीर-चांपा पुलिस ने सम्मानित करते हुए परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलर की जिम्मेदारी सौंपी है। नशे के खिलाफ उनके साहसिक फैसले को देखते हुए पुलिस ने उन्हें समाज सेवा से जोड़ने की पहल की है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक सतरूपा तारम एवं नगर पुलिस अधीक्षक योगिता खापर्डे ने मुस्कान सहित अन्य काउंसलर्स को विधिवत कार्यभार सौंपा।
इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि मुस्कान ने शराब जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ जो साहस दिखाया, वह समाज, विशेषकर युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा है। अब परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलर के रूप में वह पारिवारिक विवादों के समाधान, महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले विवाह समारोह के दौरान दूल्हे के अत्यधिक शराब सेवन से नाराज होकर मुस्कान ने शादी से इनकार कर अपनी ही बारात वापस लौटा दी थी। उनके इस फैसले की पूरे प्रदेश में सराहना हुई थी। अब जांजगीर-चांपा पुलिस ने उन्हें सम्मानित कर समाजहित में नई जिम्मेदारी सौंपते हुए एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है।


