आपातकाल की बरसी पर भाजपा की प्रेस वार्ता, कांग्रेस पर साधा निशाना

जांजगीर-चांपा। भारतीय जनता पार्टी जिला जांजगीर-चांपा द्वारा बुधवार को जिला भाजपा कार्यालय में आपातकाल की बरसी के अवसर पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक बेलतरा एवं केंद्रीय सहकारी बैंक बिलासपुर के अध्यक्ष रजनीश सिंह ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में देश पर थोपा गया आपातकाल लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों पर सीधा हमला था।
उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक चले आपातकाल के दौरान संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत देश में नागरिक स्वतंत्रताओं को सीमित कर दिया गया था। विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद किया गया तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर व्यापक अंकुश लगाया गया।
रजनीश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए लाखों लोगों ने संघर्ष किया और अनेक नेताओं ने जेल यात्राएं कीं। उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उसी संघर्ष के कारण देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की पुनर्स्थापना संभव हो सकी।
प्रेस वार्ता में आपातकाल के दौरान मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंधों का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उस समय समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लागू की गई, अनेक पत्रकारों को परेशान किया गया तथा स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने का प्रयास हुआ। भाजपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर किया गया सबसे बड़ा प्रहार बताया।
उन्होंने कहा कि देश की जनता को आपातकाल के इतिहास को सदैव याद रखना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की तानाशाही प्रवृत्ति को बढ़ावा न मिल सके। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना को नुकसान पहुंचाया था।
प्रेस वार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता मिरि, भाजपा नेता इंजी. रवि पाण्डेय सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने लोकतंत्र की मजबूती, संविधान के सम्मान तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सतत जागरूक रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी सेनानियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उनके योगदान को नमन किया।



