कभी थे ‘ममता दीदी’ के सबसे खास! जानें बगावत के बाद कैसे सुवेंदु बने बंगाल के CM ?

पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 ऐतिहासिक तारीख बन गई। लंबे राजनीतिक संघर्ष और वर्षों की रणनीतिक मेहनत के बाद भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में पहली बार सरकार बनाई और सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नया इतिहास रच दिया। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और NDA के कई बड़े नेता मौजूद रहे।
TMC के मजबूत नेता से BJP के सबसे बड़े चेहरे तक
सुवेंदु अधिकारी कभी तृणमूल कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। नंदीग्राम आंदोलन से उभरे सुवेंदु ने पूर्वी मेदिनीपुर में पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। ममता बनर्जी सरकार में उन्होंने परिवहन, सिंचाई और जलमार्ग जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले।
राजनीतिक गलियारों में उन्हें TMC का “ग्राउंड मैनेजर” कहा जाता था। हालांकि 2020 के बाद पार्टी के अंदर बदलते समीकरणों ने उनकी राजनीति की दिशा बदल दी।
अभिषेक बनर्जी की बढ़ती भूमिका बनी विवाद की वजह
साल 2020 में TMC संगठन में अभिषेक बनर्जी की सक्रियता तेजी से बढ़ी। इसी दौरान सुवेंदु अधिकारी और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ने लगी। कई बैठकों और समझाइश के बावजूद तनाव कम नहीं हुआ।
बताया जाता है कि नवंबर 2020 में सुवेंदु ने हुगली रिवर ब्रिज कमीशन के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया और बाद में मंत्री पद भी छोड़ दिया। इसके कुछ समय बाद उन्होंने सौगत रॉय को एक संदेश भेजकर साफ कहा कि अब साथ काम करना संभव नहीं है। इसके बाद उन्होंने TMC की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया।
BJP में शामिल होते ही बदले राजनीतिक तेवर
भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद सुवेंदु अधिकारी बंगाल में पार्टी के सबसे आक्रामक नेताओं में शामिल हो गए। उन्होंने संदेशखाली, भ्रष्टाचार, चिटफंड और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर लगातार ममता सरकार को घेरा।
विधानसभा से लेकर सड़क तक उनकी सक्रियता ने उन्हें बंगाल BJP का प्रमुख चेहरा बना दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BJP की बंगाल रणनीति में सुवेंदु अधिकारी सबसे अहम कड़ी साबित हुए।
2026 चुनाव बना राजनीतिक करियर का टर्निंग पॉइंट
2026 विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों से चुनाव लड़कर बड़ा संदेश दिया। भवानीपुर सीट पर उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़े अंतर से हराया।
चुनाव परिणामों में BJP को ऐतिहासिक जीत मिली और पार्टी पहली बार बंगाल की सत्ता तक पहुंची। विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को नेता चुना गया और अब उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर बंगाल की राजनीति में नया अध्याय शुरू कर दिया।
बंगाल की राजनीति में बदल गया शक्ति संतुलन
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुवेंदु अधिकारी का TMC छोड़ना केवल व्यक्तिगत फैसला नहीं था, बल्कि इसने पश्चिम बंगाल की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया।
2020 में लिया गया उनका निर्णय अब 2026 में BJP की सत्ता और बंगाल में राजनीतिक बदलाव के सबसे बड़े कारणों में गिना जा रहा है।



