Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

ऑपरेशन सिंदूर के एक साल! बोली सेना- यह तो बस शुरुआत…आतंकवाद के खिलाफ जंग रहेगी जारी

Operation Sindoor Anniversary : 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस सैन्य कार्रवाई से पाकिस्तान और आतंकियों को बड़ा संदेश दिया था, उस ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के आज एक साल पूरे हो गए। इस मौके पर भारतीय सेना ने जयपुर में विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर ऑपरेशन की रणनीति, सफलता और उसके प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने साफ शब्दों में कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर अंत नहीं है, यह सिर्फ शुरुआत है।” उन्होंने कहा कि भारत ने अपने सभी रणनीतिक लक्ष्य हासिल किए और दुश्मन को स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लगातार जारी रहेगी।

“दुश्मन को सबक सिखाया, लेकिन युद्ध में नहीं उलझे”

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर एक सीमित लेकिन अत्यंत प्रभावी सैन्य कार्रवाई थी। इसका मकसद केवल जवाब देना नहीं बल्कि दुश्मन की कमान और नियंत्रण क्षमता को बाधित करना था।

See also  फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 5 लाख 50 हजार रुपए की ठगी करने वाला आरोपी को बिर्रा पुलिस ने किया गिरफ्तार...

उन्होंने कहा कि भारत ने “कड़ा प्रहार” किया, अपने स्पष्ट सैन्य उद्देश्यों को हासिल किया और फिर शत्रुता समाप्त करने का फैसला लिया। सेना के मुताबिक, पाकिस्तान इस कार्रवाई के बाद बातचीत के लिए मजबूर हुआ और उसने तनाव कम करने की अपील की।

Advertisment

राजीव घई ने यह भी कहा कि भारत ने दुनिया के अन्य लंबे संघर्षों से सबक लेते हुए खुद को किसी बड़े और लंबे युद्ध में नहीं उलझने दिया। यह रणनीतिक संयम और सैन्य दक्षता दोनों का उदाहरण था।

ऑपरेशन में दिखी ‘आत्मनिर्भर भारत’ की ताकत

सेना ने इस ऑपरेशन को भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता का बड़ा उदाहरण बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि ऑपरेशन में इस्तेमाल हुए 65% से ज्यादा रक्षा उपकरण भारत में निर्मित थे।

ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, स्वदेशी सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और निगरानी तकनीकों ने इस मिशन में अहम भूमिका निभाई। सेना के मुताबिक, स्वदेशी हथियारों का फायदा यह रहा कि जरूरत के अनुसार उन्हें तेजी से ऑपरेशनल जरूरतों में ढाला जा सका।राजीव घई ने कहा कि आत्मनिर्भरता केवल नारा नहीं बल्कि भारत की सैन्य शक्ति को बढ़ाने वाला वास्तविक कारक बन चुकी है।

See also  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांकेर जिले के ग्राम मांदरी में की चौपाल

साइबर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर ने निभाई अहम भूमिका

ऑपरेशन सिंदूर केवल पारंपरिक सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं था। सेना ने खुलासा किया कि साइबर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर यूनिट्स ने सूचना नियंत्रण और दुश्मन की संचार व्यवस्था को प्रभावित करने में बड़ी भूमिका निभाई।

खुफिया एजेंसियों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर लक्ष्यों को चुना गया और कम से कम दुष्प्रभाव के साथ कार्रवाई पूरी की गई। सेना ने कहा कि पूरे ऑपरेशन को “अनुशासन, सटीकता और सीमित प्रभाव” की नीति के तहत अंजाम दिया गया।

पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई निर्दोष लोगों की मौत के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई के रूप में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और सीमापार आतंकी नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचाया।

See also  छेड़छाड़ करने वाला आरोपी को नैला पुलिस ने किया गिरफ्तार....

भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान पर भारी दबाव बना और उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने की कोशिश शुरू की। सेना का दावा है कि इस ऑपरेशन ने आतंक समर्थित ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया और दुश्मन की रणनीतिक सोच बदल दी।

सैन्य कार्रवाई से ज्यादा रणनीतिक संदेश

विशेषज्ञों के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य मिशन नहीं बल्कि भारत की नई सुरक्षा नीति का संकेत था। इसमें तेज कार्रवाई, सीमित समय, स्पष्ट उद्देश्य और स्वदेशी तकनीक के संयोजन ने भारत की बदलती सैन्य रणनीति को दुनिया के सामने रखा।

सेना के ताजा बयान से यह साफ है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ केवल रक्षात्मक नहीं बल्कि निर्णायक और रणनीतिक जवाब देने की नीति पर आगे बढ़ रहा है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!