रोहित जैन बने RBI के डिप्टी गवर्नर, नीति आयोग में भी बड़ा बदलाव

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नीति आयोग और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में महत्वपूर्ण नियुक्तियों का ऐलान किया है। इन बदलावों को देश की आर्थिक और नीति निर्माण व्यवस्था में बड़ा कदम माना जा रहा है।
नीति आयोग में दो नए सदस्य नियुक्त
सरकार ने नीति आयोग में दो पूर्णकालिक सदस्यों की नियुक्ति की है—
- डॉ. आर. बालसुब्रमण्यम
- डॉ. जोराम अनिया
इन दोनों को नीति निर्माण प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
डॉ. जोराम अनिया: ऐतिहासिक उपलब्धि
डॉ. जोराम अनिया का चयन कई मायनों में ऐतिहासिक है। वह अरुणाचल प्रदेश की निशी समुदाय से आने वाली पहली महिला हैं जिन्होंने पीएचडी प्राप्त की है।
वे अरुणाचल प्रदेश में हिंदी भाषा में पीएचडी करने वाली भी पहली महिला हैं। यह उपलब्धि पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए गर्व का विषय बन गई है।
18 वर्षों का जमीनी अनुभव
डॉ. अनिया के पास शिक्षा, शोध और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में 18 साल से अधिक का अनुभव है। वे एसोसिएट प्रोफेसर रह चुकी हैं और राज्य शिक्षा आयोग में भी अहम भूमिका निभा चुकी हैं।उनका यह जमीनी अनुभव नीति निर्माण में व्यावहारिक दृष्टिकोण लाने में मदद करेगा।
नीति आयोग के नए CEO बने BVR सुब्रमण्यम
पूर्व IAS अधिकारी बीवीआर सुब्रमण्यम को नीति आयोग का नया CEO नियुक्त किया गया है। उन्होंने परमेश्वरन अय्यर की जगह ली है।वे 1987 बैच के IAS अधिकारी हैं और पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं।
RBI में भी बड़ी नियुक्ति
सरकार ने रोहित जैन को भारतीय रिजर्व बैंक का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति देश की वित्तीय नीति प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
क्या होगा असर?
इन नियुक्तियों से नीति निर्माण, प्रशासनिक सुधार और आर्थिक नीतियों में तेजी और मजबूती आने की उम्मीद है। सरकार का फोकस अनुभवी और जमीनी स्तर के विशेषज्ञों को नीति ढांचे में शामिल करना है।



