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CG NEWS: रायगढ़ की अनोखी शादी बनी चर्चा का विषय: अंगारों पर चलकर निभाई जाती है सदियों पुरानी परंपरा

रायगढ़ : रायगढ़ जिले से एक ऐसी अनोखी विवाह परंपरा सामने आई है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यहां एक शादी में दूल्हा-दुल्हन ने पारंपरिक सात फेरों के साथ-साथ जलते अंगारों पर चलकर विवाह की रस्में पूरी कीं। यह दृश्य जितना आश्चर्यजनक है, उतना ही आस्था और परंपरा से जुड़ा हुआ भी है।

पीढ़ियों से निभाई जा रही परंपरा
जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित बिलासपुर गांव में राठिया समाज के गंधेल गोत्र में यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। विवाह के बाद जब दुल्हन पहली बार ससुराल आती है, तब यह विशेष अनुष्ठान किया जाता है।

सबसे पहले घर के देवी-देवताओं की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इसके बाद मंडप में जलते हुए अंगारे बिछाए जाते हैं, जिन पर दूल्हा-दुल्हन और परिवार के सदस्य नंगे पांव चलते हैं।

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अनुष्ठान से जुड़ी मान्यताएं
इस परंपरा में कई धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं। बताया जाता है कि पूजा के दौरान बकरे की बलि दी जाती है और घर के मुखिया पर देवी-देवताओं का “आगमन” होने की मान्यता है। इसके बाद वे पूरे अनुष्ठान का नेतृत्व करते हैं—नाचते-गाते हुए अंगारों को मंडप में फैलाया जाता है और रस्में आगे बढ़ती हैं।

सबसे हैरानी की बात यह मानी जाती है कि जलते अंगारों पर चलने के बावजूद दूल्हा-दुल्हन या अन्य लोगों के पैरों में कोई जलन या चोट नहीं होती। इसे लोग आस्था और देवताओं की कृपा से जोड़कर देखते हैं।

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उपवास और विशेष रीति-रिवाज
परिवार के कई सदस्य इस अनुष्ठान के दौरान व्रत रखते हैं और पानी तक ग्रहण नहीं करते। दुल्हन के घर में प्रवेश से पहले बलि के रक्त से तिलक करने की भी परंपरा है। इसके बाद मंडप में दोबारा बलि दी जाती है और फिर अंगारों पर चलने की मुख्य रस्म पूरी होती है।

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परंपरा न निभाने पर अनिष्ट की आशंका
गांव के बुजुर्गों का मानना है that यह परंपरा केवल रस्म नहीं, बल्कि आस्था का हिस्सा है। उनका विश्वास है कि यदि इस परंपरा को नहीं निभाया गया, तो देवी-देवता नाराज हो सकते हैं और परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए हर शादी में इस अनुष्ठान को अनिवार्य रूप से किया जाता है।

देखने उमड़ती है भीड़
इस अनोखी शादी को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। जलते अंगारों पर चलते दूल्हा-दुल्हन का दृश्य लोगों के लिए आकर्षण और जिज्ञासा का केंद्र बना रहता है।

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आज के डिजिटल दौर में यह परंपरा सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। लोग इसे आस्था, साहस और परंपरा का अनूठा संगम मानते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

यह अनोखी शादी एक बार फिर यह दर्शाती है कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में आज भी ऐसी परंपराएं जीवित हैं, जो आधुनिकता के बीच भी अपनी पहचान बनाए हुए हैं।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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