पीएम मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से बात: ईद-नवरोज़ की बधाई के साथ क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा पर जताई चिंता

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेशकियन से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को ईद और नवरोज़ की शुभकामनाएं दीं। हालांकि, इस औपचारिक बातचीत के केंद्र में पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में जारी अस्थिरता और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर हो रहे हमले रहे।
क्षेत्रीय स्थिरता और बुनियादी ढांचों पर हमलों की निंदा
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों (Critical Infrastructure) पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। पीएम ने स्पष्ट किया कि:
- क्षेत्रीय खतरा: ये हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं, बल्कि इनसे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
- शांति की उम्मीद: उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह त्योहारी सीजन पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आएगा।
समुद्री सुरक्षा और ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ पर जोर
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में जारी ब्लॉकेड और समुद्री रास्तों में पैदा हो रही बाधाओं के बीच पीएम मोदी ने नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
- शिपिंग लेन की सुरक्षा: पीएम ने कहा कि समुद्री व्यापार मार्गों को खुला और सुरक्षित रखना अनिवार्य है ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान न पहुँचे।
- भारतीयों की सुरक्षा: प्रधानमंत्री ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरानी सरकार के निरंतर सहयोग की सराहना भी की।



