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चांपा में कोसाला का तीसरा ‘शिल्प उन्नति समारोह’, कोसा बुनकरों को मिला सम्मान और प्रमाणपत्र…

जांजगीर-चांपा। जिले के चांपा शहर में कोसाला लाइवलीहुड एंड सोशल फाउंडेशन द्वारा तीसरे “शिल्प उन्नति समारोह” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 2 मार्च 2026, सोमवार को चांपा स्थित नारायणी होटल में आयोजित हुआ, जिसमें कोसा कता के कुशल बुनकरों और शिल्पकारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
यह वार्षिक सम्मेलन कोसा हथकरघा उद्योग से जुड़े कारीगरों के शिल्प कौशल, समर्पण और सामुदायिक विकास को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। इस समारोह के माध्यम से बुनकरों की मेहनत और पारंपरिक कला को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें नई तकनीकों और अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि कोसाला कारीगर शिल्प उन्नति योजना (KASUY) के अंतर्गत रायगढ़ स्थित बुनकर सेवा केंद्र के तकनीकी सहयोग से आयोजित उन्नत बुनाई कार्यशाला को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 20 बुनकरों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही 16 बुनकरों को पहचान कारीगर कार्ड भी जारी किए गए।
यह पहल कौशल विकास, क्षमता निर्माण और कारीगरों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कोसाला के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम कारीगरों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके लिए नए अवसरों के द्वार खोलते हैं।
इस अवसर पर कोसाला लाइवलीहुड एंड सोशल फाउंडेशन की सीईओ नीता शाह ने कहा कि KASUY योजना का उद्देश्य कोसा बुनकरों के समर्पण और उनके शिल्प कौशल को सम्मान देना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं, पात्र कारीगरों के लिए वार्षिक प्रोत्साहन और बेहतर पहचान जैसी संरचित सहायता के माध्यम से कोसाला का लक्ष्य इन कारीगरों को इस पारंपरिक कला का सच्चा संरक्षक बनाना है और उनके साथ दीर्घकालिक जुड़ाव को मजबूत करना है।
समारोह के दौरान तीन कोसा बुनकरों को वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए प्रतिष्ठित “कोसाला भूषण” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के गारे पाल्मा कोल माइंस के मानव संसाधन प्रमुख प्रेम कुमार सिंह, कोसाला की सीईओ नीता शाह और एनएचडीसी के वरिष्ठ वाणिज्यिक अधिकारी अनुराग सांखवार द्वारा प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में कोसाला के हाल ही में दिल्ली में शुरू किए गए प्रमुख बुटीक की भी विशेष प्रस्तुति दी गई। इस बुटीक का उद्घाटन पद्म भूषण से सम्मानित राजश्री बिरला द्वारा किया गया था। इस अवसर पर हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक सतीश पाई, कोसाला के निदेशक सौरभ खेडेकर और प्रसिद्ध अभिनेत्री यामी गौतम भी मौजूद थीं। इस पहल के माध्यम से कोसाला को एक प्रीमियम विरासत ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है, जो पारंपरिक शिल्प कौशल को समकालीन डिजाइन और वैश्विक बाजार से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। चंद्रपुर के लोक कलाकार छोटू देवांगन और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत जीवंत लोक संगीत कार्यक्रम ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। इस प्रस्तुति ने समारोह में सांस्कृतिक रंग भरते हुए स्थानीय परंपरा और कला की झलक प्रस्तुत की।
 
कोसाला के बारे में…
कोसाला लाइवलीहुड एंड सोशल फाउंडेशन की स्थापना वर्ष 2021 में की गई थी। यह एक धारा 8 (गैर-लाभकारी) कंपनी और सामाजिक उद्यम है, जो पूर्णतः हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड के स्वामित्व में संचालित होता है।
यह फाउंडेशन कोसा हथकरघा कला की पारंपरिक विरासत को पुनर्जीवित करने और कारीगर समुदाय के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में कोसा रेशम की कताई और बुनाई लंबे समय से पारंपरिक आजीविका का प्रमुख स्रोत रही है। कोसाला इस मूल्य श्रृंखला से जुड़े कारीगरों को सहयोग प्रदान करते हुए ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का प्रयास कर रहा है, जो पारंपरिक शिल्प कौशल, आधुनिक डिजाइन और वैश्विक बाजार के बीच की दूरी को कम कर सके।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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