मेडिकल कॉलेज निर्माण, रास्ता बंद करने ग्रामीणों का आरोप, राघवेन्द्र ने कहा कुटरा को अतीत में धकेलने का प्रयास

जांजगीर-चांपा। कुटरा गांव में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर कर नया विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान किसानों के खेतों तक पहुंचने वाला पारंपरिक मार्ग बंद किया जा रहा है। इस रास्ते पर निर्भर लगभग 150 किसान प्रभावित हो रहे हैं, जिससे उनकी खेती-किसानी और आजीविका पर गंभीर संकट की आशंका जताई जा रही है। सोमवार को 60-70 किसान कलेक्टोरेट पहुंचे और अपनी समस्या अधिकारियों को बताई, जिस पर तुरंत कार्रवाई की गई।
ग्रामीणों ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं और पहले भी अतिक्रमण हटाने में प्रशासन को सहयोग दिया है। लेकिन अब बची हुई निजी जमीन तक पहुंच का मार्ग रोक दिया गया है। किसानों का कहना है कि खेत तक पहुंच बाधित होने से बोनी, कटाई और फसल ढुलाई पर असर पड़ेगा, जिससे परिवारों पर आर्थिक संकट आ जाएगा।
कुटरा को अतीत में धकेलने जैसा कदम
इस मुद्दे पर कुटरा मालगुजार से जुड़े राघवेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि भूमि पूजन से जुड़े विवाद स्थानीय स्तर पर सुलझा लिए गए थे। इसके बावजूद ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए प्रशासन का आगे न आना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि गांव पहले भी कठिन दौर से गुजर चुका है। कई परिवार संघर्ष और कानूनी परेशानियों का सामना कर चुके हैं। ऐसे में संवाद के बजाय एकतरफा निर्णय लेना सही नहीं है।
किसानों ने रखी 20 फीट सड़क की मांग
असंतुष्ट किसान सोमवार को जनदर्शन में अपनी समस्या लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज निर्माण के दौरान उनके खेतों तक आवागमन सुनिश्चित किए जाने की मांग रखी। किसानों की शिकायत के बाद एडीएम ने एसडीएम को निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से बात कर निर्माण कार्य को दो दिन के लिए रोका जाए। इसके बाद एसडीएम ने तहसीलदार को तुरंत गांव भेजा। तहसीलदार ने मौके का निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन तैयार किया। जांच में पाया गया कि पूर्व दिशा का आवागमन पूरी तरह बंद हो जाएगा, जबकि पश्चिम दिशा में आवागमन आंशिक रूप से प्रभावित होगा। इस दौरान ग्रामीणों ने चारों ओर 20 फीट चौड़ी सड़क बनाने की मांग दोहराई।
ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया
जांच दल में वर्षा अग्रवाल, नायब तहसीलदार और आरआई पटवारी मौजूद रहे। ग्राम संरक्षक राघवेन्द्र पाण्डेय, सरपंच, पंचगण और ग्रामीण भी उपस्थित थे। सभी की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया। गांव के किसान और जनप्रतिनिधि अब पारंपरिक मार्ग बंद न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने पर जोर दे रहे हैं।



