Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

भारत बंद से छत्तीसगढ़ में में हलचल! रायगढ़ में खदानें बंद तो परिवहन भी प्रभावित, चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बनाई दूरी

रायपुर : देशव्यापी भारत बंद के आह्वान का असर छत्तीसगढ़ में भी दिखाई देने लगा है। ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों द्वारा केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में की जा रही इस हड़ताल के चलते कई औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। खासतौर पर रायगढ़ जिले में कोयला खदानों के बंद रहने और परिवहन रुकने से उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।

रायपुर में मशाल रैली और प्रदर्शन
राजधानी रायपुर में हड़ताल के समर्थन में कर्मचारी भवन बूढ़ापारा से मशाल रैली निकाली गई। इस रैली में बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरने के बाद रैली सभा में बदल गई, जहां वक्ताओं ने श्रमिक अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए।

See also  मिडिल ईस्ट युद्ध और तनाव के बीच भारत को बड़ी राहत! सऊदी तेल लेकर मुंबई पहुंचा बड़ा टैंकर

खदानें बंद, कोयला परिवहन ठप
रायगढ़ जिले में इंटक, एटक, सीटू और एचएमएस से जुड़े कार्यकर्ता एसईसीएल की छाल खदान के पास धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के कारण छाल, जामपाली, बरौद और बेजारी क्षेत्र की कोल इंडिया खदानों का संचालन प्रभावित हुआ है। खदानें बंद रहने से कोयला परिवहन भी पूरी तरह रुक गया है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
हालांकि स्कूल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और सामान्य आवागमन अधिकांश स्थानों पर जारी है।

क्या हैं आंदोलन की प्रमुख मांगें
हड़ताल का समर्थन कर रहे संगठनों ने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का विरोध, चार नए लेबर कोड वापस लेने की मांग, सरकारी उपक्रमों के निजीकरण पर रोक, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी शामिल हैं। इसके साथ ही निर्माण, बिजली और कृषि क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग भी उठाई गई है।

See also   1 नवंबर को जनता को समर्पित होगा “अमृतकालः छत्तीसगढ़ विजन@2047” – वित्तमंत्री ओपी चौधरी, वित्त विभाग से अंतर्गत 7 हजार 956 करोड़ 87 लाख 39 हजार रूपए की अनुदान मांग पारित...

व्यापारिक संगठनों का अलग रुख
जहां कई श्रमिक और किसान संगठन बंद के समर्थन में हैं, वहीं चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस हड़ताल से दूरी बनाई है। इससे प्रदेश में बंद का असर मिश्रित रहने की संभावना जताई जा रही है।

Advertisment

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!