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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

सप्लायर बेटा बना अर्धकुशल श्रमिक,, पी.सी.सी.एफ से सेटिंग कर डिप्टी रेंजर पिता को दिलाएगा रेंज प्रभार, पी सी सी एफ से बात हो चुकी है,पापा को जल्द मिलेगा रेंज प्रभार,,श्रमिक बेटा वन मंडल मनेंद्रगढ़…

सप्लायर बेटा बना अर्धकुशल श्रमिक,, पी.सी.सी.एफ से सेटिंग कर डिप्टी रेंजर पिता को दिलाएगा रेंज प्रभार

पी सी सी एफ से बात हो चुकी है,पापा को जल्द मिलेगा रेंज प्रभार,,श्रमिक बेटा वन मंडल मनेंद्रगढ़

एमसीबी। इन दिनों बड़ा ही हास्यप्रद वाक्या का दौर ब्याप्त है जंगल के नुमाइंदों और उनके विभाग में। अभी तक सिर्फ डी एफ ओ, प्रभारी रेंजर और एस डी ओ के ही करामाती जौहर देखने को मिलते रहें हैं। पर अब जो हवालों से और विभाग में पदस्थ प्रताड़ित लोगों की आपबीती से आभास हुआ। कह सकते हैं की मनेंद्रगढ़ डीएफओ के बहुत करीबी और उनके मिलीभगत के हमराह डिप्टी रेंजर जनाब रामसागर गुप्ता जो की दो स्टार डिप्टी रेंजर हैं और जिनको रेंजरी का चस्का इस कदर लग चुका है की इनको डी एफ ओ जैसा अधिकारी फुल फ्लैश पोस्टेड रेंजर की कुर्सी खींचने के लिए क्षेत्र के नेता जी के समक्ष खुद लेकर जाते हैं की महोदय इस रेंजर को हटाकर हमारे चहेते डिप्टी साहब को प्रभार दिला दीजिए। हालांकि वन मंडल मनेंद्रगढ़ की स्थिति इससे भी ज्यादा निरंकुश हो चुकी है जहां पर कुर्सी की मर्यादा तक का खयाल रखना भूल चुके हैं अधिकारी। शायद तभी एस डी ओ जैसे अधिकारी सर्किल इंचार्ज सिंगल स्टार फॉरेस्टर तक से उगाही करने में संकोच नहीं करते और जिसको जानकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है की मनेंद्रगढ़ वन मंडल के भ्रष्ट और घूसखोर अधिकारियों को जल्द ही लाईन हाजिर नहीं किया गया तो ये बिटगार्ड तक से वसूली करने पहुंच जायेंगे।

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क्या मनेंद्रगढ़ फॉरेस्ट एसडीओ ने सर्किल इंचार्ज से लिए लाखों,?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 8 से 30 मई अवधि अंतर्गत बिहारपुर वन परिक्षेत्र में आनन फानन में कराए गए कार्यों बावत जारी राशि का कमीशन लाखों में एस डी ओ द्वारा एक सर्किल इंचार्ज से दबाव बना कर ले लिया गया। जिससे ये प्रतीत होता है की अपने मूल दायित्वों के साथ साथ एक एस डी ओ जैसा अधिकारी अपनी पद की गरिमा को भूलकर सिर्फ कमीशन खोरी में अनवरत लिप्त हो चुका है।उसके कार्यकाल के समस्त निर्माण कार्यों का जिनका सत्यापन इन्होंने किया है का भौतिक निरीक्षण किया जाना चाहिए। आपको बता दें की उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद भी डी एफ ओ और एस डी ओ द्वारा कुछ चिन्हित और चहेते या कह सकते हैं की इनकी कारगुज़ारी के पार्टनर डिप्टी रेंजरों को प्रभार देने का कार्य किया गया। जिस डिप्टी रेंजर रामसागर गुप्ता को बिहारपुर रेंज का प्रभार और चेक अथॉरिटी दिया गया था। उन्ही गुप्ता ने तत्कालीन केल्हारी रेंजर ओहदार के कार्यकाल में सर्किल इंचार्ज रहते हुए अपने सुपुत्र अशोक गुप्ता जो वर्तमान में मनेंद्रगढ़ वन मंडल में बतौर कलेक्टर दर कर्मचारी हैं। उन्ही सुपुत्र के नाम लाखों रुपयों का ट्रांसपोर्टिंग और अन्य सप्लाई का बिल बाउचर चार्ज किया था। जिसकी जांच आज भी की जा सकती है। सारे प्रमाण कागजों में अब भी सुरक्षित हैं। सूत्रों के हवालों से कहें तो मनेंद्रगढ़ वन मंडल के वर्तमान डी एफ ओ के खास और चहेते डिप्टी रेंजर रामसागर गुप्ता के कलेक्टर दर वाले सुपुत्र इतने अभ्यस्त हो चुके हैं की वन मंडल कार्यालय में पदस्थ उक्त अर्धकुशल श्रमिक यहां पर वर्षों से पदस्थ नियमित कर्तव्य निष्ठ कर्मचारियों तक को तबादला और निलंबित करा देने की धमकी देता फिरता है।कह सकते हैं क्यों न कहे, जनाब जो अपने डिप्टी रेंजर पिता को राजधानी तक की पहुंच से रेंज प्रभार दिलाने का दम जो भरते है। बहरहाल उक्त डिप्टी रेंजर और इनके सुपुत्र की अफरा तफरी में सक्रियता जितने पहले से है साफ हो जाता है की इनके समस्त कार्यकाल की जांच की जाती है तो बड़ी बड़ी गंभीर अनियमितता उजागर होगी। लेकिन ऐसा शायद नहीं हो सकता क्यू की डी एफ ओ जैसा ए क्लास अधिकारी का इनको संरक्षण प्राप्त है।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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