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सुप्रीम कोर्ट पहुंचा ममता बनाम ईडी विवाद, चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी तल्खी

नई दिल्ली,11 जनवरी । पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई ने बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा कर दिया है। इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कोलकाता कार्यालय पर छापेमारी को लेकर ममता बनर्जी सरकार और ईडी आमने-सामने आ गई हैं। मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। पहले राज्य सरकार ने कैविएट दाखिल किया और अब ईडी ने भी शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि आई-पैक के मुख्यालय और इसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर तलाशी के दौरान राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने एजेंसी के काम में बाधा डाली। एजेंसी का आरोप है कि जांच के दौरान उसे स्वतंत्र रूप से कार्रवाई नहीं करने दी गई और तलाशी अभियान में जानबूझकर रुकावटें पैदा की गईं।

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सुप्रीम कोर्ट से ईडी की मांग
ईडी ने अदालत से अनुरोध किया है कि उसे बिना किसी दबाव और हस्तक्षेप के अपनी जांच पूरी करने की अनुमति दी जाए। एजेंसी ने यह भी कहा कि किसी भी राज्य सरकार को केंद्रीय जांच एजेंसियों के वैधानिक कार्यों में दखल देने का अधिकार नहीं है।

ममता सरकार ने पहले ही दाखिल कर दिया था कैविएट
ईडी के कदम से पहले ही पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दिया था। इसमें राज्य सरकार ने अदालत से अनुरोध किया है कि कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसका पक्ष जरूर सुना जाए। कैविएट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि अदालत एकतरफा फैसला न दे।

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IPAC छापेमारी से शुरू हुआ विवाद
गुरुवार को ईडी ने कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आई-पैक के कोलकाता स्थित कार्यालय और निदेशक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की थी। इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंचीं। ईडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में तलाशी स्थलों से महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हटाए गए। इस मामले में ईडी और टीएमसी दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

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एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप
ममता बनर्जी ने ईडी पर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। वहीं ईडी ने कोलकाता हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है। एजेंसी का दावा है कि पुलिस की मदद से साक्ष्यों को हटाया गया।

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टीएमसी का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि ईडी की कार्रवाई भ्रष्टाचार की जांच नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति और गोपनीय डेटा पर हमला है। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इन कार्रवाइयों का मकसद चुनाव से पहले विपक्ष को कमजोर करना है।

चुनावी माहौल के बीच यह टकराव अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से यह तय होगा कि केंद्रीय एजेंसियों और राज्य सरकारों के अधिकारों की सीमा इस मामले में कहां तक जाती है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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