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Delhi Electric Bus Scheme : दिल्ली में 3,330 लो-फ्लोर एसी इलेक्ट्रिक बसों की एंट्री, मेट्रो फीडर सेवा होगी मजबूत

नई दिल्ली। दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राजधानी की सड़कों पर 3,330 नई इलेक्ट्रिक बसें उतारने की योजना को मंजूरी दी है। इन बसों की खरीद के लिए केंद्र सरकार की एजेंसी कन्वर्जेस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (CESL) को एक विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे पीएम ई-ड्राइव योजना के दूसरे चरण के तहत क्रियान्वित किया जाएगा।

इस नई खेप की सबसे खास बात बसों का अलग-अलग आकार है, जिसे दिल्ली की भौगोलिक स्थिति और सड़कों की चौड़ाई को ध्यान में रखकर चुना गया है। योजना के अनुसार, सरकार 7 मीटर लंबी 500 मिनी बसें खरीदेगी, जो शहर की संकरी सड़कों और मोहल्लों के भीतर तक अपनी पहुंच बनाएंगी। इसके अतिरिक्त, 9 मीटर वाली 2,330 बसें ‘मेट्रो फीडर’ सर्विस के रूप में चलेंगी, जबकि 12 मीटर वाली 500 बड़ी बसें मुख्य मार्गों और अधिक भीड़भाड़ वाले लंबे रूटों पर तैनात की जाएंगी।

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को ‘ग्रीन ट्रांजिशन’ की ओर ले जाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने केंद्र सरकार और भारी उद्योग मंत्रालय से अनुरोध किया है कि इन बसों को सब्सिडी मॉडल में शामिल किया जाए। सीएम ने स्पष्ट किया कि यदि सब्सिडी मिलने में कोई तकनीकी बाधा आती है, तो भी दिल्ली सरकार पीछे नहीं हटेगी और जनता की सुविधा के लिए लागत का पूरा भार खुद उठाएगी।

ये सभी नई बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस, लो-फ्लोर और पूर्णतः वातानुकूलित होंगी। बिजली से चलने के कारण ये बसें शून्य कार्बन उत्सर्जन करेंगी, जिससे दिल्ली के वायु प्रदूषण को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि बसों की कनेक्टिविटी बेहतर होने से लोग निजी वाहनों का उपयोग कम करेंगे, जिससे न केवल प्रदूषण घटेगा बल्कि सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।

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परिवहन विभाग और CESL के अधिकारियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया गया है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य एक ऐसा आधुनिक और सस्ता पब्लिक ट्रांसपोर्ट मॉडल तैयार करना है, जो शहर के हर कोने को आपस में जोड़ सके। इन बसों के आने के बाद दिल्ली दुनिया के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगी जिनके पास इलेक्ट्रिक बसों का इतना बड़ा और व्यवस्थित बेड़ा उपलब्ध है।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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