American News : ट्रंप का चीन पर 100% टैरिफ वार, रेयर अर्थ संकट ने बढ़ाया द्विपक्षीय टकराव

अमेरिकी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 1 नवंबर 2025 से सभी आयातित उत्पादों पर अतिरिक्त 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि पहले से लागू टैरिफ के ऊपर यह अतिरिक्त टैक्स लगेगा। इसके साथ ही अमेरिका ‘क्रिटिकल सॉफ्टवेयर’ के एक्सपोर्ट कंट्रोल भी लागू करेगा।
यह अचानक कड़ा कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि चीन ने 1 दिसंबर से रेयर अर्थ मिनरल्स के निर्यात पर सख्त नियंत्रण लगाने का फैसला किया है। चीन दुनिया का सबसे बड़ा रेयर अर्थ मिनरल्स निर्यातक है और इसके कुल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा नियंत्रित करता है। चीन ने यह कदम पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए उठाया है। साथ ही, चीन ने भारत से भी यह गारंटी मांगी है कि वह अमेरिका को रेयर अर्थ मिनरल्स की भारी सप्लाई नहीं करेगा, तभी उसे यह खनिज उपलब्ध कराया जाएगा।
रेयर अर्थ मिनरल्स 17 प्रकार के चुंबकीय तत्व होते हैं, जिनका इस्तेमाल स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक कार, कंप्यूटर चिप्स, सैन्य उपकरण और ग्रीन एनर्जी तकनीकों में होता है। इनकी कमी से कई उद्योग प्रभावित होंगे, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र। विश्व का 70 प्रतिशत से अधिक रेयर अर्थ चीन से आता है।
ट्रंप ने चीन के इस फैसले को विश्व व्यापार के लिए एक नैतिक अपमान बताते हुए इसे चीन की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा कहा है, जिसके तहत वह वर्ल्ड ट्रेड पर हावी होना चाहता है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका एकतरफा कार्रवाई करेगा चाहे दूसरे देश क्या करें।
चीन ने होल्मियम, एर्बियम, यटरबियम सहित 12 रेयर अर्थ मिनरल्स पर निर्यात प्रतिबंध लगाए हैं। इसके अलावा अर्धचालक, रक्षा उत्पादन प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिक वाहनों में उपयोग होने वाली लिथियम बैटरी और ग्रेफाइट एनोड पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिन्हें चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर justified बताया है।
ट्रंप ने यह भी कहा है कि इस महीने दक्षिण कोरिया में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी मुलाकात नहीं होगी, क्योंकि हालिया घटनाक्रम के कारण ऐसा कोई कारण नहीं बनता।



