प्रधान पाठक संतोष यादव की मेहरबानी से, घर बैठे भृत्य 08 साल से ले रहा है तनख्वा?अलग से हाजरी रजिस्टर मेंटेन का आरोप…

कोरबा जिला के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भदरापारा पारा के शासकीय स्कूल में वर्ष 2013 से पदस्थ भृत श्रीमती राधाबाई थवाईत पति बुद्धू थवाईत पर बिना काम किये घर बैठे बीते 8 वर्षों से तनख्वाह लेने का आरोप लगा है जिसकी शिकायत कलेक्टर सहित संबंधित विभाग में शिकायतकर्ता जितेंद्र साहू के द्वारा किया गया है शिकायतकर्ता के अनुसार श्रीमती राधाबाई थवाईत की नियुक्ति वर्ष 2013 में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भदरापारा में विभाग के द्वारा नियुक्ति की गई थी तब से लेकर आज तक वह स्कूल नहीं आती है क्योंकि बीते 10 वर्षों से वह लकवा बिमारी से ग्रसित है और चलने फिरने में असमर्थ हैं इसके बावजूद भदरापारा में पदस्थ प्रधान पाठक संतोष कुमार यादव द्वारा उनका हाजिरी रजिस्टर नियमित रूप से उपस्थिति दिखाते हुए उनके रजिस्टर को अलग से मेंटेन किया जाता है ताकि उसे बिना काम किए घर बैठे तनख्वा मिल सके।
इस मामले में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भदरापारा के प्राचार्य से इस मामले पर जानकारी चाहने पर स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा राधाबाई थवाईत नाम की महिला पदस्थ है लेकिन परिस्थिति और सवालों की रडार की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत मुकर गए और कहने लगे इस नाम की भृत हमारे स्कूल पर पदस्थ नहीं है और यदि होंगे तो मेरी जानकारी में नहीं है ।
आखिर यह कैसे संभव है जिस कर्मचारी का पद स्थापना 22/06 /2013 से होने के बाद से आज तक स्थानांतरण नही हुआ है उसकी जानकारी वहाँ के प्रधानपाठक को न हो इसी तरह शिकायतकर्ता के आरोप अनुसार पूरी तरह से लकवा से ग्रसित महिला कैसे अपने कर्तव्य पर उपस्थित हो सकती है जो बीते 10 वर्षों से अस्वस्थ है।
राधाबाई के पति भी हैं विभाग में भृत्य, अधिकारियों के मेहरबानी से बीईओ कार्यालय में कर रहे हैं बाबूगीरी….
शिकायतकर्ता के अनुसार राधाबाई थवाईत का पति बुद्धू विकासखंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में भृत के पद पर पदस्थ है और वरीय अधिकारियों की मेहरबानी से बाबू का कार्य करता है बुद्धू थवाईत और प्रधान पाठक संतोष कुमार यादव के द्वारा तमाम नियमों और निर्देशों को ताक पर रख छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण अधिनियम के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते अस्वस्थ कर्मचारी राधा बाई थवाईत के कर्तव्य को कागजों में नियमित उपस्थित बताते हुए बीते 08 सालों से शासन को गुमराह करते हुए नियमित रूप से वेतन आहरण का झूठा जाल बन दिया गया है।
हालांकि इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने लिखित शिकायत विकासखंड शिक्षा अधिकारी कटघोरा सहित कोरबा कलेक्टर को शिकायत की प्रतिलिपि दी है इस तरह के मामलों पर निष्पक्ष जांच उपरांत कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि नियम विपरीत कार्य करने वाले कर्मचारियों को कार्रवाई का भय बना रहे और इस तरह के कृत्य पर विराम लग सके।
जानकारों की माने तो इस तरह का कृत्य जहां एक ओर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण अधिनियम के विपरीत है वहीं दूसरी ओर अपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है इस तरह के मामलों पर कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है।



