ग्राम पंचायत खोखरा में बेजाकब्जा की मची होड़,हंसागर तालाब के पार में बन रहा आवास,सरकारी जमीन और तालाब के पार में कैसे हुआ आवास पास,आखिर कौन हैं जिम्मेदार, जिम्मेदारों को जीवन दान क्यों…

राजेश्वर तिवारी, जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय जांजगीर से लगे ग्राम पंचायत खोखरा में आवास के नाम पर सरकारी जमीनों और तालाब के पार में मकान बनाने की होड़ मची हुई है,इधर राजस्व के अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही हैं जिससे कब्जाधारियों के हौसले इस तरह से बुलंद हैं कि इन्हें तनिक भी डर नहीं हैं,अधिकारी मकान बनाने का इंतजार करते हैं,कारवाई के नाम सिर्फ नोटिस तक ही सीमित रह जाती हैं किसी प्रकार की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही हैं जिससे बेजाकब्जा पर पूर्ण रूप से रोक लगाया जा सके , इधर पंचायत के मुख्या को भी इन सब बातों की जानकारी है मगर जानकर भी अंजान बैठना ये पंचायत के लिए बड़ा सवाल भी खड़ा करता हैं, यह मामला जांजगीर तहसील के ग्राम पंचायत खोखरा की हैं,कई तालाबों का अस्तित्व खतरे में हैं,साथ ही साथ एनजीटी का भी उल्लंघन किया जा रहा हैं,अगर बेजाकब्जाधारियों को अधिकारी इस तरह से संरक्षण देते रहे तो आने वाले भविष्य में तालाबों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा साथ ही साथ सरकारी जमीन ही नहीं बचेंगी तो पंचायत का विकास कैसे होगा , इस तरह से सरकारी जमीनों पर बेजाकब्जा होते देख ग्रामीणों में भी काफी आक्रोश हैं,आखिर सरकारी जमीनों और तालाब के पार में आवास कैसे पास किया जा रहा हैं आखिर किसके संरक्षण में सरकारी जमीनों पर आवास बनाने का बड़ा खेल कराया जा रहा हैं,क्या पंचायत के संरक्षण में यह आवास का खेल चल रहा हैं या फिर राजस्व के अधिकारी के संरक्षण में यह सब हो रहा हैं,या फिर स्थानीय रोजगार सहायक या फिर आवास मित्र का खेल हैं यह तो जांच का विषय हैं फिलहाल देखना यह होगा कि क्या सरकारी जमीनों और तालाब के पार में बन रहे पीएम आवास पर अधिकारी रोक लगाने में कामयाब होते हैं या फिर इस मामले को ठंडे बस्ते में रख दिया जाएगा और सरकारी जमीनों और तालाब के पार में बन रहे मकान को बेजाकब्जाधारियों के हाथ में सौंप दिया जाएगा,



