Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

GOVT लैंड पर लोन : 250 एकड़ सरकारी जमीन पर किसने किया खेला…

रायपुर। GOVT लैंड पर लोन : सरगुजा में हुए 140 एकड़ सरकारी जमीन का मामला सामने आने के महज़ कुछ ही दिनों के अन्दर कोरबा में 250 एकड़ सरकारी जमीन पर खेला हो गया। इस खेल में माफियाओं ने राजस्व अमले को भी अपने साथ ले लिया है। फर्जीवाडे में शामिल पटवारी को कोरबा कलेक्टर ने सस्पेंड कर दिया है। सरकारी जमीन के अफरा-तफरी के आरोप में 10 लोगों के लोगों के खिलाफ एफआईआर का निर्देश कलेक्टर ने दिया है।

GOVT लैंड पर लोन : जानें पूरा मामला

कोरबा जिले के करतला तहसील के ग्राम चोरभट्टी में छोटे झाड़ का जंगल है। राजस्व रिकार्ड में वन भूमि के रूप में दर्ज 250 एकड़ जमीन को माफियाओं से मिलकर पटवारी ने प्राइवेट लैंड में तब्दील कर दिया है। प्राइवेट लैंड बनाने के साथ ही खसरा नंबर भी बना दिया है। किसान पुस्तिका भी 10 लोगों के नाम से स्वीकृत कर दिया है। बड़े पैमाने पर सुनियोजित ढंग से किए गए इस फर्जीवाड़े के कारण राज्य सरकार की बेशकीमती जमीन प्राइवेट लैंड में बदल गया है। इस खेला किसी और ने नहीं पटवारी व कंप्यूटर आपरेटर ने मिलकर किया है।

See also  मुख्यमंत्री की पहल से मृतक नरसिंह के परिजनों को मिली राहत, कलेक्टर डा रवि मित्तल ने आंध्रप्रदेश में उपलब्ध कराया शव वाहन...

फर्जीवाड़े की जांच और यह सब प्रमाणित होने के बाद कलेक्टर ने पटवारी को निलंबित कर दिया है। वन भूमि को निजी भूमि बनवाने और कब्जा करने वाले 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर कराने का निर्देश कलेक्टर ने दिया है। कोरबा जिले के करतला तहसील अंतर्गत हल्का नंबर 34 ग्राम चोरभट्टी के पटवारी ने 250 एकड़ शासकीय जमीन निजी व्यक्तियों के नाम पर चढ़ा दी। मामले को संज्ञान में आने पर कलेक्टर अजीत बसंत ने एसडीएम से मामले का जांच कराने का निर्देश दिया था।

कैसे GOVT लैंड पर लिया लोन

Advertisment

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि वन भूमि को अपने नाम कराने व ऋण पुस्तिका बनवाने के बाद लोगों ने बैंक से इसी जमीन को बंधक रखकर लोन भी ले लिया है। वन भूमि जिसका खसरा नंबर 223, 265, 312, 503, 980 है,को पटवारी ने 10 व्यक्तियों के नाम पर आरडी सीरिज में दर्ज कर सत्यापित किया है।

See also  मुख्यमंत्री ने बेरोजगारी भत्ता योजना की पांचवी किस्त की राशि हितग्राहियों के खाते में किए अंतरित, जिले के 6669 हितग्राहियों के खाते में अंतरित हुई 1 करोड़ 66 लाख 72 हजार 500 रुपए...

सरकारी जमीन के ये बने मालिक

विजय पिता मेलाराम, नवीन बहादुर पिता हरी बहादुर, गजानंद पिता हीरादास, रामेश्वर पिता सहेत्तर, धनेश पिता परसराम, हीरादास पिता भुवनदास, भालेश्वर पिता शिवकुमार, विनोद विश्वास पिता विवेक विश्वास, दोमेंन्द्र प्रसाद पिता महावीर, ज्योति राय पिता प्रिंस राय।

बंधक पड़ी है सरकारी जमीन

खसरा नंबर एवं रकबा 223/7, 265/7, 312/8, 503/10, 980/7 रकबा क्रमश: 2.500, 2.430, 1.980, 1.560, 1.852 हेक्टेयर एक्सिस बैंक रायपुर छत्तीसगढ़ में 27.12.2024 से बंधक है। उक्त भूमि का वर्तमान भूमि स्वामी रामेश्वर पिता सहेत्तर है। 223/9, 265/9, 312/10, 503/12, 980/9 रकबा क्रमश: 2.500, 2.199, 1.560, 1.880, 1.202 हेक्टेयर भूमि एयू स्माल फायनेंस बैंक चांपा में 21 जनवरी 2025 से बंधक है। उक्त भूमि का स्वामी वर्तमान में हीरादास पिता भुवन दास है। खसरा नंबर 223/12, 265/12, 312/13, 503/15, 980/12 रकबा क्रमश: 2.500, 2.850, 2.400, 1.640, 0.640 हेक्टेयर भूमि एक्सिस बैंक रायपुर छत्तीसगढ़ में बंधक है। उक्त भूमि का स्वामी वर्तमान में दोमेंन्द्र प्रसाद पिता महावीर है। मामला सामने आने के बाद अब राजस्व विभाग उक्त जमीन को वापस शासकीय मद में दर्ज करने में जुट गया है। अब तक तीस खसरों को वापस निजी से शासकीय मद में दर्ज कर दिया गया है।

See also  बेटियों की शिक्षा से पीढ़ियाँ होती हैं शिक्षित : मुख्यमंत्री साय, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना का किया शुभारंभ...

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!