छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
कलेक्टर ने जिले के किसानों से खेतों में रखे प्लारी को ना जलाने का किया आग्रह…

जांजगीर-चांपा। जिले में कुल 53426 हे. में किसानों के द्वारा रबि फरसल की खेती की गई थी जिसमें ग्रीष्मकालीन धान 20496 हे, मक्का 35 हे, गेहूँ 5350 हे. एवं फसल 27545 हे. में किसानों के बोवाई की गई थी वर्तमान में सभी फसलों की कटाई लगभग पूर्ण हो चुकी है। जिस संबंध में कलेक्टर द्वारा जिले के किसानों से आग्रह किया गया है कि फसल कटाई उपरांत खेतों में रखे प्लारी को ना जलाये, खेतों में प्लारी जलाने से मृदा की उर्वरक क्षमता कम हो जाती है और मृदा में उपस्थित मित्र कीटों का विनाश हो जाता है जिससे मृदा कठोर एवं मृदा की वायु सांद्रता और जल धारण क्षमता कम हो जाती है। खेतों में रखे प्लारी को न जलाकर किसान भाई खेत में रखे प्लारी को खेतों में फैलाकर प्रति एकड़ 1 कि ग्रा. ट्राईकोड्रामा का घोल बनाकर खेतों में छिड़काव करें, जिससे खेत में रखे प्लारी 15-20 दिवस के उपरांत सड़कर खाद के रूप में प्रवर्तित हो जाता है जिससे किसान भाईयों की मृदा उ्वरक क्षमता में वृद्धि होगी और मित्र कीटों का मृदा में बढ़वार होगा जिससे कि आगामी खरीफ में किसानों को फसल उत्पादन में भरपूर लाभ प्राप्त होगा।



