Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

भगवान श्री राम नाम की महिमा…

बडीही रुचिकर बात है कि कालांतर में साधू संत, राम नाम जपकर| साझात ईश्वर के दर्शन हुए, राम नाम जपने या न जपने का फलमिलने पर, राम नाम जपने वाले और न जपने वाले, उनकी त्यागपर बहुत रोते हैं। कारण क्या है? राम नाम जपने वाले तो रोते ही हैं,जब पुण्य के अभाव में, उनके सिर पर कष्ट से टूट पड़ते हैं, तबर वे यहविचार करके रोते हैं कि जब राम नाम जपने का समय था, तब तो जगतकी व्यर्थ बातों में जीवन नष्ट कर दिया, राम नाम जप नहीं किया। तब हीथोड़ा बहुत भी राम नाम जप कर लिया होता, तो इतना कष्ट न सहनापड़ता। राम नाम पर नाम जपने वाले भी रोते हैं, न जपने वालों से भीअधिक जोर जोर से रोते हैं, कि राम नाम जप का प्रभाव मालूम नहीं था,योंही जप लिया था, राम का नाम पर उस थोड़े से राम नाम जप का अब

See also  मलेरिया व डायरिया पीड़ित मरीजों को देखने सिम्स और जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर, झाड़ फूंक व झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर से बचने कहा...

इतना अधिक शुभ फल मिल रहा है, अगर उस समय और जप लेते तक्या न मिल जाता? चलो उनका तो जो हुआ सो हुआ। हम तो अभी यहींहैं। हमारे पास अभी समय है। अभी श्वास चल रही है। हमें तो आजअभी निश्चयपूर्वक विचार करना चाहिए। और रास्ता भीक्या है? और कुछ करने को है भी क्या कहता है किवासनाओं की अंधी गलियों में माथा पटकते पटकते,लहूलुहान हुए हृदय वाले मनुष्यों को, इस धधकतेजगत से निकलने का, राम नाम जप के अलावा उपाय

भी क्या है? हे राम !! अभिमानी कर्मकाण्डियों का मंदिरों पर राज है,तीर्थ मनन्त मांगने के केन्द्र बने हैं, आश्रम-मठों में धन की सत्ता है, 1008 महामण्डलेश्वर आलीशान कोठी कार ठाठ-बाठ से बने-ठने बैठे हैं,
पैसे देकर उपाधियां खरीदी जा रही हैं, एक बार एक गरीब संत थे यहपंक्ति अब सुनने में नहीं आती, मुढ्ध मनुष्य दो दो रुपए में शास्त्रखरीदकर विद्वानों सा तर्क करते हैं, कथाएं नाचने-गाने-बजाने वालों नेकब्जा ली, कथा मोलभाव करके चौराहों पर बिकनेलगी, बड़े बड़े ब्राण्डेड भिखारी बड़े बड़े ऊंचे मंचोंसे गाय आदि के नाम पर चन्दे की भीख मांगते हैं,लोगों में संत को पहचानने की न दृष्टि रही, न श्रद्धारही, शास्त्रों का अर्थ अधकचरे अनुवाद करने वालोंने अनर्थ में बदल दिया, जो कोई आत्मज्ञानी महात्मा हैं उन्हें उनकेसामान्य आचरण के चलते संत ही नहीं माना जाता। अब तो मुमुक्षुसाधकों को एक आपके पतितपावन नाम का ही सहारा है। असल में

See also  कामगारों की मेहनत से ही गढ़ती है तरक्की की इबारत: श्रमिक दिवस पर श्री श्याम ग्रुप में सम्मान समारोह

भगवान राम ही सत्य है जब मनुष्य की औतिम यात्रा निकलती है तो रामनाम सत्य है और सारे बंधनों से मुक्त कर देते हैं सचमुच भगवान श्रीराम का नाम ही परम पवित्र है तो भगवान श्री राम कितना महान होगासचमुच ऐ कल्पना से पड़े है। तभी तो संत कबीर जी लिखते है सातस्मंद की मसि करों, लेखनि सब बनराइ। धरती सब कागद करों, तऊहरि गुण लिख्या न जाइ॥ यदि मैं सातों समुद्रों के जल की स्याही बनालूं तथा समस्त वन समूहों की लेखनी कर लूं, तथा सारी पृथ्वी कोकागज कर लूं, तब भी परमात्मा के गुण को लिखा नहीं जा सकता। क्योंकि कह परमात्मा अनंत गुणों से युक्त है। यहाँ परमात्मा एक मात्रभगवान श्री राम है जो हमें समस्त दुःखो से मुक्ति दे सकते हैं।

Advertisment

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!