मोबाइल और सोशल मीडिया की लत से बचने का संदेश, विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से किया जागरूक
सेवा संकल्प अभियान के तहत स्कूल क्रमांक-2 में स्वच्छता, किसान, महिला सशक्तिकरण और नशामुक्ति पर विद्यार्थियों ने दी प्रभावशाली प्रस्तुतियां

जांजगीर-चांपा। मोबाइल और सोशल मीडिया आज जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इनका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, दिनचर्या और पारिवारिक संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसी सामाजिक चुनौती के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मोबाइल और सोशल मीडिया की बढ़ती लत के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। भारतीय जनता पार्टी के सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2, जांजगीर-खोखरा में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न सामाजिक एवं जनहित से जुड़े विषयों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ ही लोगों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग करना रहा। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से बताया कि समाज की छोटी-छोटी समस्याओं के प्रति जागरूकता और सामूहिक प्रयास से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं।
मोबाइल और सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग का दिया संदेश
मोबाइल और सोशल मीडिया की लत पर आधारित नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने बताया कि तकनीक का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल धीरे-धीरे आदत में बदल सकता है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ एकाग्रता में कमी, समय की बर्बादी और परिवार के सदस्यों के साथ संवाद में दूरी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। बच्चों ने संदेश दिया कि मोबाइल का उपयोग आवश्यक कार्यों, शिक्षा और उपयोगी जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाना चाहिए। आभासी दुनिया में अधिक समय बिताने के बजाय परिवार, मित्रों और सामाजिक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त समय निकालना जरूरी है।
विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से यह भी समझाने का प्रयास किया कि तकनीक का उपयोग तभी लाभकारी है, जब उस पर व्यक्ति का नियंत्रण हो। बच्चों में मोबाइल के प्रति बढ़ती निर्भरता को कम करने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। समय का सही प्रबंधन, खेलकूद, पुस्तकों का अध्ययन और परिवार के साथ संवाद बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक हो सकते हैं।
स्वच्छता से लेकर महिला सशक्तिकरण तक दिए जागरूकता के संदेश
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने केवल मोबाइल और सोशल मीडिया की लत ही नहीं, बल्कि समाज से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। हैंडवॉश और स्वच्छता पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से साफ-सफाई की आदत अपनाने, हाथों को नियमित रूप से धोने और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को बताया गया। विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि व्यक्तिगत स्वच्छता और आसपास के वातावरण को साफ रखना स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।
किसानों के योगदान पर आधारित प्रस्तुति में कृषि और अन्न उत्पादन के महत्व को रेखांकित किया गया। वहीं, महिला सशक्तिकरण पर विद्यार्थियों ने महिलाओं को समान अवसर देने, उनकी प्रतिभा का सम्मान करने और समाज के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया।
डॉक्टरों की भूमिका पर आधारित नाटक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व और समाज के प्रति चिकित्सकों की जिम्मेदारी को प्रस्तुत किया गया। उद्यमिता विषय पर विद्यार्थियों ने आत्मनिर्भरता, नए अवसरों की तलाश और स्वरोजगार के महत्व को सामने रखा। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने यह संदेश दिया कि जागरूक नागरिक, स्वच्छ वातावरण, सशक्त महिलाएं, किसानों का सम्मान और आत्मनिर्भर युवा एक मजबूत समाज की आधारशिला हैं।
अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की
कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी नवागढ़ अशोक पाटले, नगर पालिका अध्यक्ष रेखा गड़ेवाल, भाजपा जिला प्रवक्ता विकास शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी राकेश रूपवानी, जिला सोशल मीडिया प्रभारी पुष्पेंद्र निर्मलकर तथा वार्ड पार्षद देव गड़ेवाल सहित विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण और अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक विषयों को सरल, रोचक और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। अतिथियों ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण बताया। इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, सामाजिक जिम्मेदारी और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता विकसित करने में सहायक होते हैं।
जागरूकता से ही आएगा सकारात्मक बदलाव
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के साथ लोगों तक उपयोगी संदेश पहुंचाने का अवसर प्रदान किया।नुक्कड़ नाटकों के जरिए बच्चों ने यह बताने का प्रयास किया कि स्वच्छता अपनाने, नशे से दूर रहने, मोबाइल का संतुलित उपयोग करने, महिलाओं का सम्मान करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने जैसे प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि विकसित और सशक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। जागरूकता, जिम्मेदारी और सामूहिक भागीदारी के माध्यम से ही स्वस्थ, स्वच्छ और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।



