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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

बैगा बाहुल्य गांवों में डायरिया, मलेरिया और मौसमी बीमारियों रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा…

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सुदूर वनांचल क्षेत्र चिल्फी, झलमला और तरेगांव जंगल के शासकीय अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन डीएमएफ से शीघ्र क्रय करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्राम सोनवाही के आदिवासी बालक छात्रावास में बनाए गए अस्थाई स्वास्थ्य शिविर का किया निरीक्षण, उपचार कराने आए मरीजों से की चर्चा। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने और मलेरिया, डायरिया सहित मौसमी बीमारियों के बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा कल शाम बैगा बाहुल्य सोनवाही गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिले। सोनवाही गांव में उल्टी-दस्त से पांच ग्रामीणों की मौत नहीं, अलग-अलग कारणों से हुई है घटना- कलेक्टर।

रायपुर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा कल शुक्रवार को कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखण्ड के सुदूर वनांचल ग्राम सोनवाही पहुंचकर ग्रामीणों सहित पीड़ित परिवार के परिजनों से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्राम सोनवाही में 10 जुलाई को हुई दो ग्रामीणों की आकस्मिक मृत्यु पर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने ग्राम सोनवाही के आदिवासी बालक छात्रावास में बनाए गए अस्थाई स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया और उपचार कराने आए मरीजों से चर्चा की। उन्होंने चिकित्सकों को बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जिस तरह से प्रधानमंत्री जनमन योजना पर जिस तरह से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उस पर तेजी से कारवाई करते हुए योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

उपमुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित करते हुए कहा कि वनांचल सहित मैदानी क्षेत्रों में मौसमी बीमारी, डायरिया, उल्टी दस्त और जलजनित बीमारियों का संक्रमण न हो इसके लिए प्रभावी कार्य योजना बनाने की जरूरत है। उन्हांने कलेक्टर को वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने और और मलेरिया, डायरिया सहित मौसमी बीमारियों के बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सुदूर वनांचल क्षेत्र चिल्फी, झलमला और तरेगांव जंगल के शासकीय अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन डीएमएफ से शीघ्र क्रय करने के निर्देश दिए। उन्होंने वनांचल सभी गांवों में स्वास्थ्य शिविर, जल स्त्रोतो का क्लोनिशेन कराने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्रामीणों से चर्चा के दौरान कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से पूरे घटना की विस्तृत जानकारी भी ली। कलेक्टर श्री महोबे ने बताया कि ग्राम सोनवाही में 10 जुलाई को दो ग्रामीणों की मौत हुई है। पांच ग्रामीणों की मृत्यु होने की बात सामने आई थी। इस विषय पर बोड़ला एसडीएम और सीएमएचओ को जांच और घर-घर पहुंच कर सर्वें करने के निर्देश दिए गए थे। सोनवाही में जो पांच ग्रामीणों की मौत की खबर थी, वह अलग-अलग कारणों से और अलग-अलग जगह में हुई है। सभी का मृत्यु का कारण डायरिया या उल्टी-दस्त नहीं हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीएल राज ने बताया कि 10 जलाई को गांव में दो ग्रामीणों की मृत्यु होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पास के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झलमला के चिकित्सक और स्वास्थ्य अमला 10 जुलाई को पहुंचकर गांव के आदिवासी बालक आश्रम छात्रावास में अस्थायी रूप से अस्पताल बनाया गया और वहां ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण का काम शुरू किया गया। दूसरे दिन 11 जुलाई को कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तर और चिल्फी के और अतिरिक्त स्वास्थ्य टीम को भेजकर ग्राम सोनवाही में तैनात किया गया।
सीएमएचओ डॉ राज ने बताया कि 10 जुलाई को गांव के सोनसिंह पिता ईतवारी उम्र लगभग 45 वर्ष और एक महिला श्रीमती फूलबाई पति मंगल सिंह उम्र लगभग 35 वर्ष की मृत्यु की सूचना मिली। ग्रामीणों के मुताबिक सोनसिंह अपने खेत से काम कर घर लौटा था, उन्होंने अपने तबियत खराब होने की जानकारी अपने घर वालों को दी। इसके बाद उन्होने उल्टियां शुरू हुई और तीन से चार घंटे के दौरान उनकी घर पर ही हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक इसी प्रकार महिला फूलबाई की मृत्यु भी उल्टी से हुई। दो ग्रामीणों की अकास्मिक मृत्यु के बारे में ग्रामीणों से चर्चा की गई। जांच और पूछताछ के प्रथम दृष्टयता में जहरीले मशरूम से फूड पायजिनिंग की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अभी नहीं आई है, रिपोर्ट आने के बाद कारण स्पष्ट हो जाएगी। ग्रामीणों से पूछताछ और चर्चा के दौरान तीन और ग्रामीणों की मौत की जानकारी दी गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक 8 जुलाई को सुरेश कुमार की मृत्यु अज्ञात करणों से हुई है। इसी प्रकार 8 जुलाई लिलेश्वरी पति पुसु राम की मृत्यु मध्यप्रदेश के ग्राम लालखार में हुई है। ग्राम सोनवाही मृतक का ससुराल था। जचकी होने के बाद उनके परिवार के लोग अपने घर लालखार ले गए, वहां उनकी मृत्यु हुई है। 4 जुलाई को शांति बाई पति राजकुमार की मृत्यु सहसपुर लोहारा के पड़की पारा में हुई है। मृतक महिला का ससुराल ग्राम सोनवाही था। ग्रामीणों द्वारा इन सभी की मौत को उल्टी-दस्त या डायरिया से बताई जा रही थी। सभी मृतकों की मृत्यु की वजह अलग-अलग है।

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उपमुख्यमंत्री शर्मा ने अस्थाई स्वास्थ्य केन्द्र का किया निरीक्षण, उप स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती मरीजों का बेहतर स्वास्थ्य उपचार करने के दिए निर्देश

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अस्थाई स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया और उपचार कराने आए मरीजों से चर्चा की। कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने बताया कि ग्राम सोनवाही में 194 घर है, जिसकी कुल आबादी 580 है। इस गांव में 12 कुंआ और 02 हैंडपंप है। एक मितानिन भी कार्यरत है। उन्होंने बताया कि बिमारी के लक्षण मिलने पर गांव में लोगों का लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। 11 जुलाई को 194 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था, जिसमें 08 लोगों का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उप स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती किया गया। इनमें 07 लोगों को मौसमी बुखार के लक्षण और 01 को उल्टी हो रही थी। जांच के दौरान 19 मलेरिया पॉजिटीव पाए गए। इसी प्रकार 12 जुलाई को 144 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिसमें 12 को मौसमी, सर्दी बुखार के लक्षण पाए गए है, जिनक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झलमला में भर्ती कराया गया है। जांच के दौरान 10 मलेरिया पॉजिटीव पाएं गए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी मरीजों का बेहतर स्वास्थ्य उपचार करने के निर्देश दिए।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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